जयपुर

Rajasthan Politics : क्या राजस्थान में भी हो रही ‘वोट चोरी’? BJP की शिकायत लेकर निर्वाचन आयोग पहुंचे कांग्रेस नेता, गरमाई राजनीति

BJP V/s Congress: मतदाता सूचियों में धांधली और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से की मुलाकात, डोटासरा और जूली रहे मौजूद।
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Sep 29, 2026
congress meets rajasthan election commissioner sir vote theft
Congress meets Rajasthan election commissioner on vote theft

राजस्थान में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) और कथित 'वोट चोरी' के गंभीर मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग व गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगाए।

सत्ता के इशारे पर हो रही छेड़छाड़: डोटासरा

राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात के बाद मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य की वर्तमान सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई थी, तो कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी सरकार के इशारे पर काम करते हुए सिंबल और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की।

डोटासरा ने कहा, "हमारे फॉर्म निर्धारित समय के भीतर स्वीकार नहीं किए गए और उन्हें जानबूझकर देर रात तक पेंडिंग रखा गया। जिन फॉर्मों को खारिज किया जा रहा था, उन्हें रात में बुलाकर ठीक कराया गया, जबकि मामूली कमियों वाले हमारे फॉर्म्स को खारिज कर दिया गया। चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन और पूरे सिस्टम का खुला दुरुपयोग किया गया। हमने आयोग को हॉर्स-ट्रेंडिंग (पार्षदों की खरीद-फरोख्त), भ्रष्टाचार और इन तमाम अनियमितताओं के बारे में विस्तार से बताया है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।"

ऐसी तानाशाही पहले कभी नहीं देखी: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली

प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे नेता प्रतिपक्ष (LoP) टीकाराम जूली ने भी सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों के दौरान जिस तरह से सत्ता का डर दिखाया गया और पूरी सरकार बाकी कामकाज छोड़कर पार्षदों की खरीद-फरोख्त में जुट गई, वैसा उदाहरण पहले कभी देखने को नहीं मिला। जूली ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में केवल एक विभाग नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन के साथ-साथ सामान्य प्रशासन भी खुलकर तानाशाही में शामिल रहा। कांग्रेस नेताओं ने उम्मीद जताई है कि निर्वाचन आयोग इन तमाम शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए पारदर्शी और सख्त कदम उठाएगा।

Updated on:
29 Sept 2026 03:24 pm
Published on:
29 Sept 2026 03:24 pm