जिस तस्कर को गोली लगी है उस तस्कर ने साल 2012 में एक पुलिसकर्मी को अपने पिकअप से कुचल कर मार डाला था। तो वहीं लंबे समय से उसकी तलाश चल रही थी।
जयपुर/दौसा। पिछले दिनों एक सिपाही ने जयपुर के एक बैंक करोड़ों की डकैती को विफल कर दिया था। सिपाही ने पहली बार ही फायर किया और इस फायर से 925 करोड़ रुपए की बैंक डकैती को होने से रोक लिया। अब इस घटना के बाद राजस्थान के दौसा से एक ऐसे ही बहादुर सिपाही की खबर मिली है, जिसने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए ना केवल अपने एसएचओ की जान बचाई, बल्कि ऑन ड्यूटी पहली बार सर्विस गन से गोली चलाई और गोली कुख्यात गौ तस्कर के जबड़े को चीरती हुई निकल गई।
रामधन ने ऐसे बचाई एसएचओ की जान-
बता दें कि मंगलवार देर को पुलिस और गौ तस्करों के बीच छड़प की घटना सामने आई थी। जहां, देर रात को गौ तस्कर ईशाक अपने ट्रक में गाय भरने की फिराक में था। पुलिस से मारपीट और पुलिस पर हमले करने और तस्कर गाड़ी चलाने में भी माहिर था। उसे सिकंदरा एसएचओ कुशाल सिंह ने रोकने की कोशिश की तो उसने एसएचओ की गाड़ी को ठोक दिया। एसएचओ गाड़ी से गिरे तो तस्कर ने उन पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की। उसी दौरान कमांडो प्रशिक्षण प्राप्त सिपाही रामधन सैनी ने पोजीशन लेकर एसएलआर बंदूक से आरोपितों की गाड़ी पर तीन राउंड फायर किए। फायर से आरोपित इदरीश उर्फ बहरा के मुंह पर गोली लग गई।
2013 में पुलिस में मिथी थी भर्ती-
सिपाही रामधन सैनी को चार साल पहले साल 2013 में पुलिस में भर्ती मिली थी। इसके बाद 18 अगस्त 2014 से 25 मार्च 2015 तक कमांडो का प्रशिक्षण प्राप्त किया। 6 नवंबर 2016 से रामधन सैनी की सिकंदरा थाने पर पोस्टिंग हुई है। अब इस बहादुर सिपाही ने गौ तस्करों से लड़ते हुए अपने एक सीनियर की जान बचाने में सफल रहा। तो वहीं इस घटना के बाद सिकंदरा थाने पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने कमांडो रामधन सैनी के कार्य की सराहना की है।
पुलिस की हत्या कर फरार था गौ तस्कर-
घटना में जिस तस्कर को गोली लगी है उस तस्कर ने साल 2012 में एक पुलिसकर्मी को अपने पिकअप से कुचल कर मार डाला था। जबकि लंबे समय से उसकी तलाश जारी थी। गौरतलब है कि इस घटना में घायल गौ तस्कर का इलाज राजधानी जयपुर के अस्पताल में चल रहा है। तो वहीं इस छड़प के बाद पुलिस को गौ तस्करों की गाड़ी से देसी कट्टा और जिंदा कारतूस मिले हैं। जबकि इस दौरान ट्रक के जब्त किए पशुओं कों पुलिस ने गौशाला भिजवाया।