जयपुर

राजस्थान के स्कूलों में बच्चों की मौत: भड़के पायलट और डोटासरा, पूछा- ये लापरवाही कितने मासूमों की जान लेगी?

Rajasthan News: राजस्थान में स्वतंत्रता दिवस के दिन उदयपुर और बूंदी में हुए दो दर्दनाक हादसों ने सरकारी और निजी स्कूलों की जर्जर स्थिति और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
3 min read
Aug 15, 2025
Sachin Pilot and Govind Singh Dotasara
फोटो- एक्स हैंडल

Rajasthan News: राजस्थान में स्वतंत्रता दिवस के दिन उदयपुर और बूंदी में हुए दो दर्दनाक हादसों ने सरकारी और निजी स्कूलों की जर्जर स्थिति और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उदयपुर में एक सरकारी स्कूल में निर्माणाधीन भवन का छज्जा गिरने से एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।

वहीं, बूंदी में एक निजी स्कूल की फॉल्स सीलिंग गिरने से पांच बच्चे घायल हो गए। इन घटनाओं ने शिक्षा विभाग की लापरवाही और अनदेखी को उजागर किया है। विपक्षी नेताओं ने इन हादसों को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है।

उदयपुर में मासूम की मौत, एक घायल

उदयपुर जिले के पाथरवाड़ी में एक सरकारी स्कूल में निर्माणाधीन भवन का छज्जा गिरने से एक बच्ची की जान चली गई। इस हादसे में एक अन्य बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय लोगों और परिजनों में प्रशासन और शिक्षा विभाग के प्रति गुस्सा देखा गया। इस हादसे ने स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए हैं।

यहां देखें वीडियो-


बूंदी में फॉल्स सीलिंग गिरी, 5 बच्चे घायल

बूंदी जिले के एक निजी स्कूल में कक्षा के दौरान फॉल्स सीलिंग अचानक गिर पड़ी, जिसके मलबे में दबकर पांच बच्चे घायल हो गए। घायल बच्चों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इस घटना ने निजी स्कूलों में भी कमी को उजागर किया है। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

इन हादसों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर हमला बोला है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इन घटनाओं को अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। आखिर यह लापरवाही कितने मासूमों की जान लेगी? उन्होंने घायल बच्चों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

टीकाराम जूली ने भी साधा निशाना

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ये हादसे सरकार की लापरवाही और स्कूलों की जर्जर स्थिति की पोल खोल रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सरकार का ध्यान न होना शर्मनाक है। उन्होंने उदयपुर और बूंदी की घटनाओं को लेकर सरकार से जवाबदेही मांगी।

डोटासरा ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर और भी तल्ख हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बच्चों की हत्यारी है। झालावाड़, जैसलमेर और अब उदयपुर में हुए हादसे शिक्षा विभाग और प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा हैं। डोटासरा ने दावा किया कि एक महीने में यह तीसरा बड़ा हादसा है, जिसमें मासूम बच्चों की जान गई।

उन्होंने सरकार की अकर्मण्यता और अनदेखी को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। डोटासरा ने कहा कि झालावाड़, जैसलमेर और उदयपुर में 9 बच्चों की मौत के बाद भी सरकार की आंख नहीं खुल रही। मुख्यमंत्री को जनता को जवाब देना होगा कि बच्चों की जिंदगी से कब तक खिलवाड़ होगा?

Updated on:
15 Aug 2025 07:05 pm
Published on:
15 Aug 2025 07:05 pm