जयपुर

Road Construction: राजस्थान से निकल रहे दो एक्स्प्रेस-वे, दोनों में सामने आई बड़ी खामियां

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और अमृतसर-जामनगर गलियारे में कई जगहों पर सड़क धंसने और गड्ढे होने की शिकायतें हैं। राजस्थान में भी इन सड़कों की मरम्मत का काम लगातार जारी है, जिससे यात्रा करने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
2 min read
Aug 10, 2025
Delhi-Mumbai Expressway
एक्सप्रेस-वे परियोजना में खामियां (फोटो-पत्रिका)

अरविन्द सिंह शक्तावत। जयपुर। नेशनल हाइवे निर्माण में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, लेकिन काम में लापरवाही जनता को नुकसान पहुंचा रहा है। देश में इस समय करीब 22 ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनमें कई खामियां सामने आई हैं। इन 22 में से दो सड़क परियोजनाएं राजस्थान की भी हैं। जिसमें गड़बड़ी सामने आई है।

देश के दो बड़े शहरों को जोड़ने वाले नेशनल एक्सप्रेस-वे नम्बर चार (दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे) और आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित किए जा रहे अमृतसर-जामनगर नियंत्रित राजमार्ग के निर्माण में इतनी ज्यादा खामियां सामने आई हैं कि वाहनों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। केन्द्र सरकार ने लोकसभा में लगाए गए एक सवाल में यह स्वीकार किया है कि 22 बड़ी परियोजनाओं में खामियां सामने आई हैं। यह खामियां पिछले तीन वर्षों में सामने आई हैं।

प्रदेश के इन दो राजमार्गों के ये हैं हालात

दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे

केन्द्र सरकार की ओर से बताया गया है कि इस एक्सप्रेस-वे के पैकेज 4,5,6,7,8,9 और 16 में कमियां हैं। इससे सड़क धंस रही है और गड्ढे हो गए हैं। बारिश से कटाव भी हुआ है। पैकेज चार में देरी से रखरखाव के चलते ठेकेदार पर 1.6 करोड़ और पैकेज पांच में गड़बड़ी के लिए 88.32 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। पैकेज 6 से 9 तक के लिए 50-50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। स्थायी सुधार के लिए आइआइटी खड़गपुर की एक टीम भी काम कर रही है।

अमृतसर-जामनगर आर्थिक गलियारा

इस नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग में संगरिया और बीकानेर के बीच कुछ स्थानों पर सड़क निर्माण में कमियां देखी गई हैं। ठेकेदार पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। खराब पर्यवेक्षण के कारण दो प्रमुख इंजीनियरों को बर्खास्त कर दिया गया है।

दोनों सड़कों के मौजूदा हालात

दोनों सड़कों को लेकर भले ही केन्द्र सरकार ने ठेकेदारों पर जुर्माना लगा दिया हो, लेकिन आज भी हालात बहुत अच्छे नहीं है। दौसा में भांडारेज से लेकर अलवर में पिनान मोड़ तक दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर प्रतिदिन काम चल रहा है। यह काम आज से ही नहीं, सड़क बनने के बाद से लगातार जारी है, लेकिन सड़क की कमियां पूरी तरह से खत्म नहीं हुईं। स्थिति यह है कि कई जगह तो वाहन उछल रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

इन जगहों पर भी चल रही मरम्मत

इसके अलावा टोंक जिले के लबान से कोटा के गोपालपुरा तक 80 किलोमीटर की दूरी में कई जगहों पर सड़क क्षतिग्रस्त है। इसे सुधारने का काम चल रहा है। इसी तरह अमृतसर-जामनगर ग्रीनफील्ड राजमार्ग के राजस्थान के हिस्से में जगह-जगह बारिश के चलते नुकसान पहुंचा है। बागौड़ा के पास बने ओवरब्रिज को भी नुकसान पहुंचा है।

Updated on:
10 Aug 2025 02:27 pm
Published on:
10 Aug 2025 07:56 am