जयपुर

Jaipur Nagar Nigam Election : डिप्टी सीएम दिया कुमारी के ‘गढ़’ में फंसा पेंच! विद्याधर नगर के कई वार्डों में BJP के बाग़ी, मुकाबला ‘टाइट’

राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी के गढ़ विद्याधर नगर में निकाय चुनाव 2026 का समीकरण। 22 वार्डों में भाजपा की साख दांव पर। जानिए ग्राउंड रिपोर्ट।
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Sep 06, 2026
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Deputy CM Diya Kumari - File PIC

राजस्थान विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद अब जयपुर के विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक ढांचे की सबसे बड़ी परीक्षा होने जा रही है। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के इस गृह क्षेत्र के सभी 22 वार्डों में भाजपा ने क्लीन स्वीप करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन टिकट वितरण के बाद सामने आए बागी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के असंतोष ने इस मुकाबले को बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। कुल 3,61,612 मतदाताओं वाले इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा जहां उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के प्रभाव और राज्य सरकार के विकास कार्यों के दम पर चुनावी मैदान में है, वहीं कांग्रेस पार्टी स्थानीय समस्याओं, पेयजल किल्लत और भाजपा के बागियों द्वारा होने वाले वोट विभाजन के भरोसे अपनी जीत की राह देख रही है।

विद्याधर नगर क्षेत्र में इस बार 9,810 नए युवा मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जो कई वार्डों में हार और जीत का अंतर तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। सबसे अधिक 22,075 मतदाताओं वाला वार्ड 13 और सबसे कम 12,258 मतदाताओं वाला वार्ड 15 दोनों ही राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बने हुए हैं।

कांग्रेस पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता विक्रम सिंह शेखावत और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने अपने समर्थक कार्यकर्ताओं को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, वीकेआई इंडस्ट्रियल एरिया का ट्रैफिक जाम, कॉलोनियों में टूटी सीवर लाइनें और पेयजल आपूर्ति जैसे मुद्दे जनता के बीच सबसे बड़े सवाल बनकर उभरे हैं।

टिकट वितरण में दिया कुमारी का दबदबा

Deputy CM Diya Kumari - File PIC

विद्याधर नगर में भाजपा के टिकट बंटवारे में सीधे तौर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और पार्टी नेता अमित गोयल की अनुसंशा सबसे महत्वपूर्ण रही है। पार्टी ने ज्यादातर वार्डों में अपनी पहली पसंद के कार्यकर्ताओं को मौका दिया, जिसके बाद कई प्रमुख वार्डों में विरोध के स्वर भी तेज हो गए। हालांकि संगठन ने कई नाराज नेताओं को मना लिया है, लेकिन आधा दर्जनों से ज्यादा वार्डों में भाजपा के पूर्व पार्षद और वरिष्ठ कार्यकर्ता निर्दलीय बागी के रूप में ताल ठोक रहे हैं।

दूसरी तरफ, कांग्रेस ने रणनीतिक तौर पर पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और विक्रम सिंह शेखावत के प्रभाव वाले जमीनी चेहरों पर दांव खेला है। कांग्रेस को उम्मीद है कि जिन वार्डों में भाजपा के बागी उम्मीदवार मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां वोटों का बंटवारा सीधा कांग्रेस प्रत्याशियों को फायदा पहुंचाएगा।

ट्रैफिक, सीवर और पेयजल किल्लत बने मुद्दे

Congress V/S BJP

विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के कई अंदरूनी और बाहरी इलाकों में रहने वाले आम नागरिक इस बार केवल वादों से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। क्षेत्र की जनता का कहना है कि चुनाव में उतरे प्रत्याशियों को बुनियादी समस्याओं का ठोस रोडमैप देना होगा।

वीकेआई ट्रैफिक और सड़कें: विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (VKI) के आसपास सड़कों की खराब हालत और भारी वाहनों के ट्रैफिक से हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इस रूट पर पूर्व में कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ा समाधान नहीं निकला है।

पेयजल आपूर्ति की समस्या: विधानसभा क्षेत्र के बाहरी वार्डों में नई पेयजल लाइनें बिछा दी गई हैं, लेकिन कई कॉलोनियों में नियमित पानी की सप्लाई अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।

सीवर और जलभराव: पुरानी कॉलोनियों में सीवर की पुरानी लाइनें टूटने और बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी भरने की शिकायतें आम हैं। हालांकि मुख्य सीकर रोड पर जलभराव की समस्या में पहले से थोड़ा सुधार देखने को मिला है।

विद्याधर नगर के 6 सबसे रोचक और हाई-प्रोफाइल वार्डों का मुकाबला

वार्ड 20: भाजपा की डॉ. उदिता सिंह चौहान और कांग्रेस की मोनिका सैनी आमने-सामने हैं। उदिता सिंह भाजपा मंडल अध्यक्ष माल सिंह की पत्नी हैं और खुद दिया कुमारी इस वार्ड में काफी सक्रिय रही हैं।

वार्ड 03: भाजपा ने भवानीशंकर शर्मा और कांग्रेस ने छगन कुलदीप को उतारा है। यहां पूर्व पार्षद हरिशंकर बोहरा भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।

वार्ड 11: भाजपा के शैलेंद्र शर्मा और कांग्रेस के प्रेम सिंह मुख्य उम्मीदवार हैं, लेकिन यहां 7 निर्दलीय प्रत्याशियों ने दोनों प्रमुख दलों का गणित उलझा दिया है।

वार्ड 08: भाजपा की सुमन अग्रवाल और कांग्रेस की रुचिका सोनी के बीच मुख्य मुकाबला है। लेकिन भाजपा के पूर्व पार्षद दिनेश कांवट की पत्नी मंजू शर्मा के निर्दलीय उतरने से भाजपा के वोट बैंक में सेंध लग सकती है।

वार्ड 01: भाजपा के श्रवण बोहरा और कांग्रेस के नवरतन शर्मा आमने-सामने हैं। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व पार्षद छीतरमल शर्मा अब भाजपा के बागी के रूप में मैदान में डटे हैं।

वार्ड 19: भाजपा के शाहनवाज अंसारी और कांग्रेस के फारुख खान के बीच मुकाबला है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने खुद इस वार्ड में चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया है, जबकि कांग्रेस के बागी भी यहां ताल ठोक रहे हैं।

वार्ड 02 से 22 तक का पूरा चुनावी समीकरण

वार्ड 02: भाजपा के हनुमान प्रसाद सैनी के सामने कांग्रेस के मनीराज सिंह हैं। भाजपा के नेमीचंद बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

वार्ड 04 व 05: वार्ड 04 में भाजपा की पिंकी देवी शर्मा और कांग्रेस की कविता अजमेरा हैं। वार्ड 05 में भाजपा के नरेंद्र सिंह शेखावत का मुकाबला कांग्रेस के सुमित शर्मा से है, जहां भाजपा के देवेंद्र निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

वार्ड 06 व 07: वार्ड 06 में भाजपा की स्नेहलता साबू और कांग्रेस की मधुबाला शर्मा आमने-सामने हैं। वार्ड 07 में भाजपा की पूजा का मुकाबला कांग्रेस की पूनम तिवारी से है।

वार्ड 09 व 10: वार्ड 09 में भाजपा की मंजू अग्रवाल और कांग्रेस की कैलाशी देवी मैदान में हैं। वार्ड 10 में भाजपा की 21 वर्षीय युवा प्रत्याशी पलक यादव के सामने कांग्रेस की वंदना जाखड़ खड़ी हैं।

वार्ड 12 व 13: वार्ड 12 में भाजपा के राजेंद्र सैनी और कांग्रेस के पंकज सैनी हैं, जबकि बागी बनवारीलाल निर्दलीय हैं। वार्ड 13 में भाजपा के दीपक शर्मा और कांग्रेस के धनराज आमने-सामने हैं।

वार्ड 14 से 18: वार्ड 14 में भाजपा के दिग्विजय सिंह बनाम कांग्रेस के हाकिम सिंह, वार्ड 15 में भाजपा के विक्रम सिंह बनाम बद्री कुमावत, वार्ड 17 में सुमेर सिंह जोधा बनाम भूपेंद्र सिंह और वार्ड 18 में नीरज कुमावत बनाम वंदिता के बीच मुकाबला है।

वार्ड 21 व 22: वार्ड 21 में भाजपा के अजय सिंह चौहान का मुकाबला कांग्रेस के राकेश लाटा से है। वहीं वार्ड 22 में भाजपा के वीरेंद्र सिंह, कांग्रेस के करणवीर सिंह शेखावत और आम आदमी पार्टी के त्रिलोक पारीक त्रिकोणीय मुकाबले में हैं।

'जो भी जीते, पानी-सीवर का कराए स्थायी समाधान': स्थानीय जनता

विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के सामने साफ शर्त रख दी है कि उन्हें भाषणों के बजाय धरातल पर काम करके दिखाना होगा।

स्थानीय निवासी हनुमान चौधरी का कहना है कि "क्षेत्र की कई बाहरी कॉलोनियों में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। बारिश के मौसम में जलभराव और सीवर की समस्या से लोग रोज परेशान होते हैं। चुनाव में जो भी प्रत्याशी जीते, उसे सबसे पहले इन समस्याओं का समाधान कराना चाहिए।"

वहीं दूसरे निवासी गजेंद्र राठौड़ ने बताया कि "सड़क, सीवर और नालियों की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है। चुनाव के समय प्रत्याशियों को वादे करने के बजाय इन स्थानीय मुद्दों का स्थायी समाधान बताना चाहिए।"

Updated on:
06 Sept 2026 12:08 pm
Published on:
06 Sept 2026 12:08 pm