जयपुर

Rajasthan: हर साल बढ़ रहीं कुत्तों के काटने की घटनाएं, सबसे ज्यादा बच्चे हो रहे शिकार

Jaipur News: एसएमएस अस्पताल में डॉग बाइट के 79 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जिनमें 45 नए और 34 पुराने केस हैं। डॉक्टरों के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक मामले बच्चों से संबंधित हैं।
2 min read
Aug 06, 2025
श्वानों का आतंक(photo-patrika)
श्वानों का आतंक(photo-patrika)

Dog Bite Case: राजस्थान और देशभर में कुत्तों के काटने के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और अब हालात चिंताजनक हो चुके हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि हर साल इन मामलों में भारी बढ़ोतरी हो रही है। कुत्तों का शिकार सबसे ज्यादा 15 वर्ष तक की आयु के बच्चे हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि, अगर समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भयावह हो सकती है। राजस्थान में वर्ष 2023 के मुकाबले 2024 में डॉग बाइट के मामलों में 35.74 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।

केस 1: विद्याधर नगर निवासी सुभाष अपने 9 वर्षीय बेटे का एसएमएस अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले ट्यूशन से लौट रहे उनके बेटे पर कुछ आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। एक कुत्ते ने उसके पीठ पर काट लिया।

एसएमएस में 79 मरीजों का चल रहा इलाज

एसएमएस अस्पताल में डॉग बाइट के 79 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जिनमें 45 नए और 34 पुराने केस हैं। डॉक्टरों के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक मामले बच्चों से संबंधित हैं।

कुत्तों के काटने का कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकतर हमले स्ट्रीट डॉग्स करते हैं। मुय वजह है उनका गंदे खाद्य पदार्थों का सेवन करना। साथ ही, कुत्तों के व्यवहार में बदलाव भी देखा गया है, क्योंकि उनकी जनसंया लगातार बढ़ रही है। खासकर बरसात के मौसम में कुत्ते अधिक आक्रामक हो जाते हैं और थोड़ी भी असहजता महसूस होने पर हमला कर देते हैं।

हमारे यहां जितने भी डॉग बाइट के मामले आते हैं, उनमें आधे से ज्यादा बच्चे होते हैं। विगत कुछ वर्षों से डॉग्स की पॉपुलेशन तेजी से बढ़ी है, जो चिंताजनक है। कुत्तों की जनसंया को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।

  • डॉ महेश चंद वर्मा, प्रभारी, एंटी रेबीज क्लिनिक, एसएमएस हॉस्पिटल, जयपुर
Published on:
06 Aug 2025 08:45 am