IMD alert: राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर फिर एक बार दिखने वाला है। विभाग के मुताबिक, 27 जनवरी को प्रदेश के 23 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इसको लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
जयपुर। राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26 जनवरी से सक्रिय हो गया है, जिसका सर्वाधिक प्रभाव 27 जनवरी को देखने को मिलेगा। इस दौरान प्रदेश के कई संभागों में मेघगर्जन के साथ बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग के कुछ भागों में मौसम बदलेगा। इन क्षेत्रों में तीव्र मेघगर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। इसको लेकर मौसम विभाग ने डबल अलर्ट जारी किया है।
जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों में 27 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ का सबसे अधिक प्रभाव रहेगा। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
अजमेर, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, पाली और नागौर जिलों में बारिश-ओलावृष्टि को लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे बादल छाने और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग ने किसानों और आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
मौसम में इस बदलाव का असर दिन और रात के तापमान पर भी पड़ सकता है। बारिश और तेज हवाओं के कारण कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर फिर से बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने और जारी किए गए अलर्ट का पालन करने की अपील की है। वहीं मौसम विभाग ने 31 जनवरी और 1 फरवरी के दौरान एक और नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की उम्मीद जताई है।