जयपुर

Rto Alert: जयपुर में दूसरे राज्यों का वाहन चलाया तो भरना पड़ेगा भारी जुर्माना, जानें नियम

RTO Jaipur action: मार्च आते ही परिवहन विभाग ने राजस्व लक्ष्य और नियमों की पालना को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। राजधानी जयपुर में दूसरे राज्यों, विशेषकर हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के पंजीकृत वाहनों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
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Feb 18, 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ
प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ

RTO Jaipur action: मार्च आते ही परिवहन विभाग ने राजस्व लक्ष्य और नियमों की पालना को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। राजधानी जयपुर में दूसरे राज्यों, विशेषकर हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के पंजीकृत वाहनों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे वाहन जो राजस्थान में एक महीने से अधिक समय से संचालित हो रहे हैं और जिनका राज्य का रोड टैक्स (वन टाइम टैक्स) जमा नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

ये हैं नियम

आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के तहत यदि कोई वाहन दूसरे राज्य में एक महीने से अधिक समय तक नियमित रूप से संचालित होता है तो उसे संबंधित राज्य का टैक्स चुकाना अनिवार्य है। जयपुर में ऐसे वाहनों की संख्या काफी अधिक बताई जा रही है। विभागीय आकलन के अनुसार, करीब 10 हजार वाहन ऐसे हैं जो दूसरे राज्यों से लाकर यहां चलाए जा रहे हैं।

क्यों निशाने पर हैं एनसीआर के वाहन

दिल्ली-एनसीआर में डीजल वाहनों के संचालन की अवधि 10 वर्ष तक सीमित है। इसके बाद बड़ी संख्या में पुरानी, विशेषकर लग्जरी कारें कम कीमत पर बिकती हैं। जयपुर सहित अन्य शहरों के लोग इन्हें सस्ते दाम पर खरीदकर यहां संचालित कर रहे हैं। लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब इन वाहनों का राजस्थान में वन टाइम टैक्स जमा नहीं कराया जाता।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी लग्जरी कार की कीमत एक करोड़ रुपए है तो उसका वन टाइम टैक्स 10 से 12 लाख रुपए तक हो सकता है। टैक्स बचाने के लिए कई लोग वाहन को दूसरे राज्य के पंजीकरण पर ही चलाते रहते हैं। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर वाहन मालिक को टैक्स के साथ भारी जुर्माना भी देना पड़ता है।

किन्हें हो रही परेशानी, यह है समाधान

जानकारी के अभाव में वे लोग भी कार्रवाई की चपेट में आ रहे हैं जो अस्थायी रूप से जयपुर में रह रहे हैं। इलाज के लिए आए मरीज, केंद्रीय कर्मचारी जिनका तबादला हुआ है या शादी-समारोह में आए लोगों के वाहन भी जब्त किए जा रहे हैं। ऐसे में एक महीने से अधिक समय वाहन का संचालित पाया जाता है और वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जाते, तो विभाग टैक्स और जुर्माना वसूल कर सकता है। परिवहन अधिकारियों का कहना है कि यदि वाहन स्वामी यह प्रमाण दे देता है कि उसका दूसरे राज्य में नियमित आना-जाना है, तो नियमों के तहत राहत मिल सकती है।

लग्जरी कारों पर विशेष नजर

आरटीओ प्रथम जयपुर राजेन्द्र सिंह शेखावत के अनुसार, लग्जरी वाहनों पर विशेष फोकस किया जा रहा है, क्योंकि टैक्स बचाने की प्रवृत्ति इन्हीं में अधिक पाई गई है। विभाग का कहना है कि कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है और इसका उद्देश्य टैक्स चोरी रोकना है।

Updated on:
18 Feb 2026 03:40 am
Published on:
18 Feb 2026 03:39 am