जयपुर

Jaipur: नीरजा मोदी स्कूल केस में शिक्षा विभाग के ‘कॉपी-पेस्ट’ आदेश से उलझन! 8वीं तक कक्षाओं पर फैसला टाला

Jaipur School Controversy: जयपुर के चर्चित नीरजा मोदी स्कूल प्रकरण में शिक्षा विभाग के हाल ही में जारी आदेश ने अभिभावकों के बीच उलझन पैदा कर दी है। शिक्षा विभाग को स्कूल में आठवीं के संचालन को लेकर निर्णय लेना था। इसको विभाग ने टाल दिया है।
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Mar 29, 2026
नीरजा मोदी स्कूल, इनसेट में मृतक छात्रा अमायरा, पत्रिका फाइल फोटो
नीरजा मोदी स्कूल, इनसेट में मृतक छात्रा अमायरा, पत्रिका फाइल फोटो

Jaipur School Controversy: जयपुर के चर्चित नीरजा मोदी स्कूल प्रकरण में शिक्षा विभाग के हाल ही में जारी आदेश ने अभिभावकों के बीच उलझन पैदा कर दी है। विभाग ने कक्षा 11 और 12 के संचालन को लेकर आदेश जारी किए है। दोनों कक्षाओं को लेकर सीबीएसई पहले ही संशोधित आदेश जारी कर चुका। वहीं सीबीएसई के इस आदेश पर हाईकोर्ट स्टे दे चुका। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से सीबीएसई के आदेश की नकल की गई है।

शिक्षा विभाग पर 'कॉपी-पेस्ट' करने का आरोप

शिक्षा विभाग को स्कूल में आठवीं के संचालन को लेकर निर्णय लेना था। इसको विभाग ने टाल दिया है। गौरतलब है कि नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा अमायरा ने छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। सीबीएसई की ओर से जारी आदेश में कहा था कि कक्षा आठवीं तक के संचालन पर निर्णय राज्य बोर्ड, यानी शिक्षा विभाग को लेना है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने आठवीं तक की कक्षाओं को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया और सीधे कक्षा 11-12 पर ही आदेश जारी कर दिया। आरोप है कि विभाग ने केवल औपचारिकता निभाते हुए सीबीएसई के आदेश की 'कॉपी-पेस्ट' कर दी।

शिक्षा विभाग से यह आदेश जारी

शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा 11 का संचालन दो शैक्षणिक सत्रों 2026-27 और 2027-28 के लिए निलंबित रहेगा। यानी इन सत्रों में 11वीं में नए प्रवेश नहीं होंगे। वहीं 12वीं के लिए भी सत्र 2027-28 में नए प्रवेश पर रोक लगाई है। आदेश में यह राहत दी गई है कि वर्तमान सत्र में कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा दे रहे छात्र 2026-27 में कक्षा 12 में अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

विभाग ने मानी चूक लेकिन कार्रवाई सीमित

मृतक छात्रा अमायरा के पिता विजय मीणा के अनुसार शिक्षा विभाग ने आदेश में स्पष्ट रूप से बच्चों की सुरक्षा में गंभीर चूक स्वीकार की है। लेकिन कार्रवाई सिर्फ कक्षा 11 और 12 तक सीमित रखी है। इसका आदेश पूर्व में सीबीएसई की ओर से जारी किया जा चुका है। कक्षा 1 से 8 तक की मान्यता पर निर्णय राज्य शिक्षा विभाग को लेना है। इस पर कोई जिक्र ही नहीं किया। सीबीएसई की ओर से जारी आदेश में कहा था कि कक्षा आठवीं तक के संचालन पर निर्णय राज्य बोर्ड, यानी शिक्षा विभाग को लेना है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने आठवीं तक की कक्षाओं को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया।

Updated on:
29 Mar 2026 09:21 am
Published on:
29 Mar 2026 09:21 am