जयपुर

बर्निंग ट्रेन बनते बची खैरथल पैसेंजर- फ्यूल टैंक में रिवास के काफी देर बाद रोकी गई ट्रेन

सवारी गाड़ियों के ईंजन (पॉवर) को स्टेशन पहुंचने पर जांचा भी जाता है। ऐसे में टैंक में रिसाव कहां हुआ है और कितना डीजल बह गया। इस सम्बन्ध में...

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Feb 08, 2018

बांदीकुई/जयपुर। खैरथल पैसेंजर ट्रेन के फ्यूल टैंक रिसाव के कारण गुरवार लगभग पौन घण्टे तक बांदीकुई स्टेशन में खड़ा करना पड़ा गया। तो घंटों ट्रेन के खड़े रहने के कारण यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरअसल, खैरथल पैसेंजर ट्रेन के फ्यूल टैंक में गुरुवार दोपहर रिसाव होने से काफी मात्रा में डीजल बह गया। घटना का पता रेल प्रशासन को ट्रेन के बांदीकुई स्टेशन पहुंचने पर लगा।

जिसके बाद सूचना मिलने पर रेलकर्मियों ने तेल टंक की मरम्मत करनी शुरु की। जिसमें लगभग तीन घंटे लग लए। फिर ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। रेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रेन के करीब 11:47 बजे स्टेशन पहुंचने पर रेलकर्मियों ने टैंक से ट्रेक पर डीजल रिसाव होते देखा। जिसके बाद इस ट्रेन को रोक दिया गया। फिर रेलकर्मियों ने मौके पर पहुंच कर रिसाव वाले स्थान की मरम्मत करना शुरू कर दिया।

ट्रेन करीब 45 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही और करीब 12:34 बजे उसे ट्रेन को अलवर की ओर रवाना किया गया। ट्रेन के खड़ी रहने से यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। बताया जा रहा है कि ट्रेन में फ्यूल टैंक जिस जगह स्थित है, उससे रिसाव वाले स्थान से पहिए की दूरी मात्र डेढ़ से दो फिट होती है। ऐसे में यदि ब्रेक जाम हो जाए या फिर कोई चैन पुलिंग करें तो ट्रेन के अचानक ठहरने पर चिंगारी निकलने पर आग लगने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि सवारी गाड़ियों के ईंजन (पॉवर) को स्टेशन पहुंचने पर जांचा भी जाता है। ऐसे में टैंक में रिसाव कहां हुआ है और कितना डीजल बह गया। इस सम्बन्ध में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। ट्रेन के पौन घण्टे तक स्टेशन पर खड़ी रहने से कोई ट्रेनों का संचालन भी बाधित नहीं होना बताया जा रहा है।

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Published on:
08 Feb 2018 09:00 pm
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