
देशभर में दिनों-दिन साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है। भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की ऑफिशियल हैंडल साइबरडॉस्ट ने फेक जॉब स्कैम को लेकर लोगों को आगाह किया है। हाल के दिनों में ऐसे स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें ठग नौकरी के नाम पर लोगों को लुभाकर उनसे पैसे वसूलते हैं।
स्कैमर्स पहले फेक जॉब ऑफर लेटर भेजते हैं। इसमें अच्छी सैलरी, अच्छी पोस्ट और तुरंत जॉइनिंग का लालच दिया जाता है। फिर इंटरव्यू का प्रोसेस दिखाया जाता है और बाद में रीइंबर्समेंट या ट्रेनिंग फीस के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। कई बार रजिस्ट्रेशन, ऑनबोर्डिंग, सिक्योरिटी डिपॉजिट या इक्विपमेंट खरीदने के बहाने पैसे मांगते हैं।
जब पीड़ित पैसे ट्रांसफर कर देता है तो स्कैमर गायब हो जाते हैं। कई बार वे फर्जी वेबसाइट, व्हाट्सएप नंबर या ईमेल का इस्तेमाल करते हैं जो बिल्कुल असली कंपनियों जैसे लगते हैं। साइबर दोस्त ने साफ चेतावनी दी है कि “एक्साइटमेंट में नहीं, वेरिफिकेशन के बाद ही ट्रस्ट करें।”
हाल ही राजस्थान की राजधानी जयपुर में साइबर ठगों ने एक बार फिर नौकरी के नाम पर युवा को फंसा लिया है। मालवीय नगर निवासी 24 वर्षीय अमन गुप्ता के साथ हुए इस मामले में ठगों ने पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर कुल 1 लाख 1 हजार 791 रुपए ऐंठ लिए। अमन के व्हाट्सऐप पर एक इंटरनेशनल मोबाइल नंबर से पार्ट टाइम जॉब का मैसेज आया। मैसेज में अच्छी कमाई और आसान काम का लालच दिया गया था। युवक ने संपर्क किया तो ठगों ने ऑनलाइन टास्क पूरा करने का तरीका बताया। उन्होंने कहा कि हर टास्क पूरा करने पर प्रॉफिट मिलेगा और रकम बढ़ती जाएगी। ठगों ने युवक को अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। वे लगातार नए-नए टास्क देते गए और प्रॉफिट का लालच बढ़ाते रहे। अमन ने कुल 1,01,791 रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब उसने अगला टास्क करने से इनकार कर दिया और अपनी रकम वापस मांगी, तो ठगों ने भुगतान बंद कर दिया और संपर्क तोड़ लिया। मामला समझ आने पर अमन ने जवाहर सर्किल थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि ठग अंतरराष्ट्रीय नंबर का इस्तेमाल कर रहे थे और कई खातों के जरिए पैसे निकाल रहे थे।
इस तरह के स्कैम में ठग पहले आकर्षक जॉब ऑफर भेजते हैं। फिर टास्क, रजिस्ट्रेशन, ऑनबोर्डिंग या इक्विपमेंट के नाम पर पैसे मांगते हैं। पीड़ित को लगता है कि थोड़ी रकम लगाकर ज्यादा कमाई हो जाएगी, लेकिन अंत में सारा पैसा ठगों के पास चला जाता है। साइबरडॉस्ट ने भी ठीक इसी तरीके से सावधान किया था कि जॉब के नाम पर कोई भी भुगतान करने से पहले पूरी जांच कर लें।सावधानी कैसे बरतेंकिसी भी जॉब ऑफर पर तुरंत विश्वास न करें। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट चेक करें। ऑफर लेटर या मैसेज में पैसे मांगे जाएं तो तुरंत शक करें। असली कंपनी कभी भी जॉब देने के लिए रजिस्ट्रेशन या टास्क फीस नहीं मांगती। संदिग्ध मैसेज आने पर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
यह स्कैम मुख्य रूप से बेरोजगार युवाओं और जॉब सर्च कर रहे लोगों को निशाना बनाता है। स्कैमर्स AI टूल्स का इस्तेमाल करके प्रोफेशनल लुक वाले ऑफर लेटर और वीडियो कॉल भी तैयार कर लेते हैं, जिससे पीड़ित आसानी से फंस जाता है।