
Cooperative Development: जयपुर। सहकारिता आंदोलन आज राजस्थान के गांव-गांव और जन-जन को सशक्त बनाने का माध्यम बन चुका है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सहकारिता में सभी व्यक्ति सामाजिक व सांस्कृतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए मिलकर कार्य करते हैं। यह गरीब और मध्यम वर्ग को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। राज्य सरकार ने अब तक 77 लाख से अधिक किसानों को 42 हजार 765 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किए हैं। इसके अलावा 2 लाख 48 हजार नए कृषकों को 433 करोड़ रुपए और 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को 260 करोड़ रुपए के आजीविका ऋण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्न भंडारण योजना के तहत श्रीगंगानगर जिले में गोदाम, प्रसंस्करण यूनिट और कस्टम हायरिंग सेंटर शुरू किए गए हैं। वहीं सहकारी बैंकों द्वारा करीब 7 हजार किसानों व लघु उद्यमियों को 246 करोड़ रुपए के दीर्घकालीन ऋण भी दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2021 में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना कर इसे विकास का महत्वपूर्ण स्तंभ बनाया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक प्रदेश के 76 लाख से अधिक किसानों को 7 हजार 54 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए हैं। राज्य सरकार भी मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को अतिरिक्त 3 हजार रुपये प्रति वर्ष प्रदान कर रही है, जिसके अंतर्गत अब तक 1 हजार 355 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में 100 से अधिक पहलें की गई हैं। पैक्स को कम्प्यूटरीकृत किया जा रहा है और आने वाले पांच वर्षों में दो लाख से अधिक बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी और मत्स्य समितियां गठित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार पशुपालन है। इसके लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत डेयरी गतिविधियों के लिए एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स, सौर ऊर्जा योजनाएं, जल परियोजनाएं और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।