
—0 से 5 साल तक के बच्चों का लिया जाना है वजन
—विभाग ने पिछले माह दिए थे निर्देश
जयपुर
ऐसे मासूम बच्चे जिनका वजन कम है और उनमें पर्याप्त पोषण की कमी है। ऐसे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए सरकार ने उनकी मॉनिटरिंग के लिए हर माह वजन कराने का फैसला किया है। इस संबंध में विभाग ने पिछले महीने ही सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे लेकिन किसी भी जिले में वजन दिवस को लेकर कोई तैयारी नहीं की गई। विभाग ने इसे मई माह से हर हाल में शुरु करने के सख्त निर्देश दिए थे। आज इस महीने का पहला गुरुवार है और विभाग के निर्देशानुसार इसकी पालना होनी है।
विभाग की मानें तो तीन दिन बाद सभी जिलों की रिपोर्ट मांगी जाएगी। इस दौरान जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन दिवस का आयोजन नहीं कराया गया उनसे जवाब मांगा जाएगा।
ये होना है 'वजन दिवस' पर—
विभाग के अनुसार हर महीने के पहले गुरुवार को 0 से 5 साल तक के बच्चों का वजन लिया जाएगा। वजन के दौरान बच्चे की लंबाई और उंचाई नापी जाएगी। इसके बाद पूरे महीने बच्चे की वृद्धि निगरानी पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही वजन नापने के लिए स्टैंडर्ड आॅपरेटिंग प्रोसीजर्स उपकरण का उपयोग करने को कहा गया है।
ये हैं पोषण मिशन में सुधार—
सूत्रों की मानें तो प्रदेश में कई जिले ऐसे है जो कुपोषित श्रेणी मेें आते है। यहां पर पोषण स्तर में सुधार करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार का पोषण मिशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। शुरुआत के पहले चरण में 24 जिलों का चयन किया गया है। इसकी प्राथमिक कड़ी में बच्चों का वजन लेना शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के झुंझूनूं जिले से राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत की थी। इसमें पोषण स्तर को सुधारने के लिए मिलकर प्रयास करने की बात पर मोदी ने जोर दिया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने भी सभी कुपोषित जिलों में विशेष कार्यक्रम जैसे नुक्कड़ नाटक, शिविर, संगोष्ठी आदि करके जच्चा व बच्चा में पोषण की कमी दूर करने के लिए जागरुक किया जा रहा है।