Give Up Campaign: आयकरदाता, सरकारी कार्मिक, चारपहिया वाहनधारी तथा एक लाख रुपए से अधिक आय वाले परिवारों को योजना से बाहर होने के लिए प्रेरित करें। यदि इसके बाद भी अपात्र व्यक्ति योजना में बने रहते हैं, तो उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
Public Distribution System: जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री सुमित गोदारा ने सोमवार को सीकर कलेक्ट्रेट में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर खाद्य सुरक्षा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र और जरूरतमंद लोगों तक पूर्ण पारदर्शिता के साथ पहुँचे।
बैठक में उन्होंने “गिव अप अभियान” को सफल बनाने पर बल देते हुए बताया कि सीकर जिले में अब तक 1 लाख 55 हजार 311 यूनिट्स ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का त्याग किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शिता और जनजागरूकता की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
मंत्री गोदारा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयकरदाता, सरकारी कार्मिक, चारपहिया वाहनधारी तथा एक लाख रुपए से अधिक आय वाले परिवारों को योजना से बाहर होने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इसके बाद भी अपात्र व्यक्ति योजना में बने रहते हैं, तो उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आधार सीडिंग और ई-केवाईसी को तेज करने के निर्देश दिए, ताकि डिजिटल सत्यापन से योजनाओं का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। साथ ही राशन डीलरों के बकाया कमीशन और परिवहनकर्ताओं के भुगतान शीघ्र निपटाने के आदेश दिए।
खाद्य मंत्री ने 31 अक्टूबर तक नई उचित मूल्य दुकानों के सृजन की विज्ञप्ति पूर्ण करने और सभी उपखंडों में जागरूकता शिविर आयोजित कर अपात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में उन्होंने ब्लॉकवार प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।