जयपुर

जयपुर में पूर्व डीजी ने पिस्टल लहराई! प्रसादी कार्यक्रम में मौजूद लोगों से हुई धक्का-मुक्की, डर के मारे ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भागा

जयपुर के खातीपुरा तिराहे पर पौषबड़ा प्रसादी कार्यक्रम के दौरान जाम को लेकर पूर्व डीजी नवदीप सिंह और स्थानीय लोगों में विवाद हो गया। धक्का-मुक्की हुई और पिस्टल दिखाने के आरोप लगे, जिन्हें पूर्व डीजी ने नकार दिया।

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Dec 28, 2025
प्रसादी कार्यक्रम में पूर्व डीजी पर पिस्टल लहराने का आरोप (फोटो- पत्रिका)

Jaipur News: राजधानी जयपुर में खातीपुरा तिराहे पर शनिवार शाम पौषबड़ा प्रसादी कार्यक्रम के दौरान लगे भारी जाम ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब पूर्व डीजी (आईपीएस) नवदीप सिंह और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी हो गई।

बता दें कि देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हो गई। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पूर्व डीजी नवदीप सिंह ने पिस्टल दिखाई, जिससे भीड़ भड़क गई और उनके चालक के साथ मारपीट की गई। कार्यक्रम में भाजपा नेता लालचंद कटारिया और विधायक गोपाल शर्मा भी मौजूद थे।

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हालांकि, नवदीप सिंह ने पिस्टल दिखाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके पास केवल एक बैग था, कोई हथियार नहीं। नवदीप सिंह के अनुसार, वे किसी काम से घर से निकले थे और पौषबड़ा कार्यक्रम के कारण खातीपुरा तिराहे पर भारी भीड़ व जाम लगा हुआ था।

उन्होंने वहां मौजूद लोगों से वाहनों को साइड में लगाने का आग्रह किया। इसी बात को लेकर कुछ लोगों से बहस हो गई। धक्का-मुक्की के दौरान उनके गले से सोने की चेन टूट गई। चेन तो मिल गई, लेकिन उसमें लगा पन्ना गायब था।

हालात बिगड़ते देख उन्होंने एडिशनल पुलिस कमिश्नर योगेश दाधीच को फोन कर सूचना दी। कुछ ही देर में वैशाली नगर से पीसीआर मौके पर पहुंच गई। पूर्व डीजीपी का आरोप है कि इस दौरान उनके चालक के साथ मारपीट की गई और गाड़ी की चाबी भी छीन ली गई। भय के चलते चालक मौके से चला गया। बाद में घर से डुप्लीकेट चाबी मंगवानी पड़ी।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रसादी कार्यक्रम शांतिपूर्वक चल रहा था, तभी अचानक हुई घटना से वहां मौजूद लोग सहम गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पूर्व डीजी अचानक गुस्से में आ गए और पिस्टल लहराने लगे।

भीड़ में महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई फायरिंग नहीं हुई। मौके पर मौजूद विधायक गोपाल शर्मा ने समझाइश कर हालात को शांत कराया।

इस घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोग इसे पूर्व डीजी का व्यक्तिगत तनाव तो कुछ इसे सनक से जोड़कर देख रहे हैं। विधायक गोपाल शर्मा ने सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से इनकार किया है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायत मिलने पर हथियार अधिनियम और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं में कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, माहौल शांत है, लेकिन जयपुर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

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Published on:
28 Dec 2025 12:53 pm
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