
जयपुर। दिवाली से पहले पूर्व विधायक बलजीत यादव को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने एमएलए फंड में कथित अनियमितता और करीब 3.72 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में जयपुर की सेंट्रल जेल में बंद बलजीत यादव की दूसरी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने बलजीत यादव को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता चित्रांश सक्सेना ने पैरवी की।
बता दें कि विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने बलजीत यादव को इसी साल 3 फरवरी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद रिमांड अवधि पूरी होने पर 7 फरवरी को उन्हें जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया था। जहां से बलजीत यादव को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। अब बलजीत यादव को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।
बलजीत यादव पर बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए खेल सामग्री खरीदने में एमएलए फंड की राशि के दुरुपयोग का आरोप है। आरोपों के अनुसार सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीदी गई थीं। इस खरीद में निर्धारित कीमत से कई गुना अधिक दर पर खेल सामग्री खरीदने का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, खेल सामग्री की खरीद में कथित अनियमितताओं के कारण सरकारी खजाने को करीब 3.72 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस मामले में कुछ फर्मों के संचालकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। एजेंसियों ने इसे सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का मामला माना है।
इस मामले की शुरुआत एसीबी की कार्रवाई से हुई थी। एसीबी ने 12 दिसंबर 2024 को बलजीत यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू की। ईडी ने जांच के दौरान एमएलए फंड से खेल सामग्री की खरीद और उसमें कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच की। इसके बाद 3 फरवरी 2026 को बलजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया गया था।