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Rajasthan News : ‘टॉयलेट में मिला लावारिस फोन, मुझ पर झूठा केस’, Ex MLA बलजीत यादव जेल में भूख हड़ताल पर, दावे से हड़कंप!

Baljeet Yadav Hunger Strike : बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव जयपुर सेंट्रल जेल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे। मोबाइल बरामदगी की FIR को बताया बेबुनियाद। DGP को लिखा पत्र।
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Baljeet Yadav Hunger Strike in Jaipur Central Jail - (Related File PIC)

जयपुर सेन्ट्रल जेल में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बलजीत यादव के पास मोबाइल मिलने के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल, पूर्व विधायक ने मोबाइल मिलने की बात को सिरे से नकारते हुए जेल के अंदर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। बलजीत यादव ने जेल प्रशासन के खिलाफ आरोप लगाया है कि 9 सितंबर को उनके खिलाफ जेल में मोबाइल मिलने का जो मुकदमा दर्ज कराया गया है, वह पूरी तरह से बेबुनियाद, झूठा और राजनीतिक षड्यंत्र से प्रेरित है।

सामने आया है कि बहरोड़ के तसींग गांव के निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि और 'टीम बलजीत यादव' के प्रवक्ता संदीप यादव ने जेल में जाकर पूर्व विधायक से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान बलजीत यादव ने स्पष्ट किया कि न तो उनकी कोई तलाशी ली गई और न ही उनके बैरक में कोई चेकिंग हुई थी। जेल प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में आकर उनकी छवि को धूमिल करने की नीयत से यह एफआईआर दर्ज कराई है।

इस गंभीर खुलासे के बाद संदीप यादव ने राजस्थान पुलिस महानिदेशक (DGP) को औपचारिक पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटना के दिन के सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालने की पुरजोर मांग की है।

ये लिखा डीजीपी को पत्र

लावारिस मिला फोन, मेरे नाम मढ़ दिया केस: बलजीत यादव का दावा

जेल में मुलाकात के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक बलजीत यादव ने पूरी घटना की वास्तविक क्रोनोलॉजी बताई है। उनके मुताबिक, 9 सितंबर को जिस समय उनके पास से मोबाइल मिलने का दावा किया जा रहा है, उस वक्त वे जेल के डॉक्टर करण के पास अपना ब्लड प्रेशर (BP) और शुगर लेवल चेक करवा रहे थे।

बलजीत यादव ने बताया कि वास्तव में मोबाइल फोन जेल के वार्ड नंबर 5 के पीछे बनी गली के पास स्थित सार्वजनिक शौचालय में लावारिस हालत में पड़ा मिला था। उनका इस लावारिस फोन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन ने सस्ती लोकप्रियता हासिल करने और सत्ताधारी नेताओं के दबाव में आकर बिना किसी जब्ती या तलाशी के उनका नाम इस केस में जोड़ दिया।

DGP को पत्र, उठाई ये 4 मांगें

बलजीत यादव के निर्देश पर उनके समर्थक संदीप यादव ने 11 सितंबर 2026 को राजस्थान पुलिस महानिदेशक (DGP) जयपुर के नाम एक पत्र भेजा है। इस पत्र में मामले की हकीकत सामने लाने के लिए 4 बिंदु उठाए गए हैं:

1. CCTV फुटेज की जांच: जयपुर सेंट्रल जेल परिसर, अस्पताल मार्ग और टॉयलेट के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जांच अधिकारी (I.O.) को सौंपी जाए।

2. लोकेशन का सत्यापन: 9 सितंबर को संबंधित समय के दौरान बलजीत यादव की मौजूदगी अस्पताल में डॉक्टर करण के पास थी या नहीं, इसकी पुष्टि फुटेज से की जाए।

3. अन्य कैदियों के बयान: घटना के वक्त अस्पताल और कान्हा गार्डन के पास मौजूद अन्य बंदियों के निष्पक्ष बयान दर्ज किए जाएं।

4. झूठी FIR रद्द करना: राजनीतिक विद्वेष के तहत दर्ज की गई एफआईआर संख्या 0191/2026 की निष्पक्ष जांच कर पूर्व विधायक को राहत दी जाए।

जेल में भूख हड़ताल, जेल प्रबंधन में खलबली

पूर्व विधायक बलजीत यादव द्वारा जेल प्रशासन को लिखित सूचना देकर भूख हड़ताल शुरू करने के बाद जयपुर सेंट्रल जेल प्रबंधन में खलबली मच गई है। पूर्व में अपनी अनोखी विरोध शैलियों (जैसे काले कपड़े पहनकर दौड़ना और अनशन करना) के लिए चर्चित रहे बलजीत यादव का जेल के भीतर अनशन पर बैठना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

संदीप यादव ने बताया कि बलजीत यादव ने स्पष्ट कह दिया है कि जब तक उनके खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमे की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।

निष्पक्ष जांच की मांग

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों से ठीक पहले पूर्व विधायक बलजीत यादव के इस नए विवाद ने प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। बहरोड़ और अलवर क्षेत्र में उनके समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

समर्थकों का कहना है कि बलजीत यादव हमेशा आम जनता और बेरोजगार युवाओं के मुद्दों पर मुखर रहे हैं, इसलिए उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। अब सभी की निगाहें राजस्थान पुलिस महानिदेशक और जेल प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाती है या नहीं।