अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 1300 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इनमें राजस्थान के 85 रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 1300 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इनमें राजस्थान के 85 रेलवे स्टेशन शामिल हैं, जिनका पुनर्विकास किया जा रहा है। मंगलवार (24 सितंबर) को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव राजस्थान ने ऐसे ही एक स्टेशन गांधीनगर रेलवे स्टेशन, जयपुर के विकास कार्यों का जायजा लिया। जिसका पुनर्विकास कार्य 210 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस दौरान रेल मंत्री ने स्टेशन पर किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया- गांधी नगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों पर 200 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किया जा रहा है। इनमें स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए तमाम सुविधाएं होंगी, जिसमें लिफ्ट, एस्केलेटर, वेटिंग रूम, लाउंज, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
रेल मंत्री ने कहा- "गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर 9 लिफ्ट और 4 एस्केलेटर की व्यवस्था होगी एवं 2500 वर्ग मीटर से अधिक का रूफ प्लाजा होगा। रूफ प्लाजा इस तरह बनाया गया है कि शहर के दोनों तरफ से आने वाले लोगों को सुविधा होगी। यहां यात्री ठहर सकेंगे। बच्चों के खेलने, खाने-पीने और किताबें रखने की जगह होगी। यहां यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए बेसमेंट का कार्य भी कराया जा रहा है।"
उल्लेखनीय है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मंगलवार (24 सितंबर) को स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम) कवच 4.0 के ट्रायल के लिए राजस्थान पहुंचे हैं। इससे पहले रेल मंत्री ने जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर विकास कार्यों को जायजा लिया। इसके बाद स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के ट्रायल के लिए सवाई माधोपुर रवाना हो गए। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रायल के बीच सवाई माधोपुर से कोटा के बीच ट्रेन में सफर किया और 'कवच 4.0' की सफल टेस्टिंग की।