Gangster Raju Manju: राजस्थान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ‘007 गैंग’ के सरगना राजू मांजू को जयपुर के मानसरोवर से गिरफ्तार किया। 75 हजार के इनामी मांजू पर हत्या, लूट समेत 36 केस दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उसकी निजी जिंदगी और सोशल मीडिया फॉलोइंग भी चर्चा में है।
Gangster Raju Manju Arrested: राजस्थान के अपराध जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए '007 गैंग' के कुख्यात सरगना राजाराम उर्फ राजू मांजू को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि राजू मांजू को राजधानी जयपुर के मानसरोवर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। मांजू पर पुलिस ने 75 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी और तस्करी जैसे संगीन अपराधों के 36 से अधिक मामले दर्ज हैं।
कुख्यात गैंगस्टर राजू मांजू ने लव मैरिज की थी। सोशल मीडिया पर मौजूद वायरल दावों के मुताबिक, मांजू ने प्रीति नाम की लड़की से लव मैरिज की थी। वहीं, सोशल मीडिया पर उपलब्ध एक और जानकारी के मुताबिक, राजू मांजू पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।
गैंगस्टर राजू मांजू के अपराध की दुनिया में सक्रिय होने के बावजूद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उसके 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह हथियारों के साथ तस्वीरें डालकर युवाओं को अपनी गैंग की ओर आकर्षित करता था। वहीं, एक चौंकाने वाली बात यह भी है कि सोशल मीडिया पर उसकी फैन फॉलोइंग में लड़कियों की संख्या भी अधिक बताई जाती है।
राजू मांजू की गिरफ्तारी की यह कहानी किसी बॉलीवुड क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है। पुलिस का 'ऑपरेशन मद-मार्जार' न केवल उनकी रणनीतिक जीत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे एक अपराधी की चालाकी आखिरकार कानून के सामने घुटने टेक देती है।
राजू मांजू उर्फ 'बिल्ला' का सफर यह स्पष्ट करता है कि अपराध की दुनिया जितनी बाहर से ग्लैमरस दिखती है, अंदर से उतनी ही खोखली और हिंसक होती है। राजू की शुरुआत 2013 में एक साधारण क्रिकेट मैच के झगड़े से हुई। यह दिखाता है कि कैसे छोटी-सी रंजिश और अहंकार किसी को अपराध के दलदल में धकेल सकता है।
'007 गैंग' का सरगना बनकर उसने न केवल टोल प्लाजा और प्रोजेक्ट्स से वसूली की, बल्कि अन्य गैंग्स (0029, सरपंच गैंग) के साथ खूनी संघर्ष को भी जन्म दिया। यह गैंगवार निर्दोष लोगों की शांति भंग करने का मुख्य कारण बनी।
इंस्टाग्राम पर 2 लाख फॉलोअर्स और हथियारों के साथ तस्वीरें डालकर राजू युवाओं को भ्रमित करता था। अपराध की दुनिया अक्सर सोशल मीडिया का उपयोग 'रॉबिनहुड' वाली छवि बनाने के लिए करती है, जो वास्तव में सिर्फ नई भर्ती का जरिया है।
'रामदेव गोशाला' जैसे संस्थान खोलना उसकी चालाकी का हिस्सा था, ताकि वह कानून और समाज की नजरों में खुद को निर्दोष दिखा सके। अपराधी अक्सर धर्म और सेवा की आड़ लेकर अपने काले कारनामों को छिपाने की कोशिश करते हैं।
गिरफ्तारी के वक्त उसने कबूला कि उसने 'रक्तांचल' वेब सीरीज से पुलिस को चकमा देने का आइडिया लिया था। यह दर्शाता है कि अपराधी किस तरह मनोरंजन के साधनों का उपयोग अपराध की तकनीक सीखने में करते हैं।