
जयपुर। रोडवेज बेड़े के सुदृढ़ीकरण के तहत निगम अपनी बसों की संख्या को वर्ष 2026 तक 5000 तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। वर्तमान में यह संख्या घटकर लगभग 3500 बसों तक रह गई थी। यात्रियों की सुविधा और सुगम यात्रा को ध्यान में रखते हुए इस संख्या को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
राजस्थान रोडवेज के संचालक मंडल की 310 वीं बैठक बुधवार को रोडवेज मुख्यालय पर अध्यक्ष शुभ्रा सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई । बैठक में निगम की रिक्त भूमि पर पेट्रोल पंप लगाने, प्रदेश के 8 जिलों में बस स्टैंड के आधुनिकीकरण, बसों की संख्या में बढ़ोतरी, बूंदी बस स्टैंड के स्थानांतरण संबंधी मुद्दों पर सहमति बनी ।
अजमेर, भरतपुर, उदयपुर, बूंदी, बीकानेर, ब्यावर, चित्तौडग़ढ़ और भीलवाड़ा जिलों में निगम के आधुनिकतम सुविधायुक्त बस स्टैंड बनाए जाएंगे। ये बस स्टैंड बिल्ड— ऑपरेट— ट्रांसफर मॉडल पर विकसित किए जाएंगे जिसके लिए निगम ने सलाहकार सेवाओं के लिए निविदाएं जारी कर कार्य प्रारंभ कर दिया है। इन बस स्टैंडों के विकास से यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा मिलेगी और साथ ही रोडवेज की गैर-संचालन आय में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में 12 नए स्थानों पर बस स्टैंडों का निर्माण और 21 अन्य बस स्टैंडों का विकास राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा।
रोडवेज की खाली पड़ी भूमि पर सरकारी तेल कंपनियों के सहयोग से पेट्रोल पंप एवं बस स्टॉप स्थापित किए जाएंगे। इस नए मॉडल को निगम संचालक मंडल द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है जिससे यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं प्राप्त होने के साथ-साथ निगम को गैर-संचालन आय भी प्राप्त होगी।
बूंदी शहर में जाम की समस्या को हल करने और भारी वाहनों के दबाव को कम करने के लिए रोडवेज के बूंदी बस स्टैंड को कृषि उपज मंडी की भूमि पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इससे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।