
जयपुर। राजस्थान सरकार महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव के प्रस्ताव पर पुनः परीक्षण करने जा रही है। विधानसभा में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने आश्वासन दिया कि राज्य पथ परिवहन निगम की कार्यशालाओं में कार्यरत महिला कार्मिकों को इस सुविधा का लाभ दिलाने के लिए फिर से विचार किया जाएगा। हालांकि, पूर्व में यह प्रस्ताव वित्त विभाग द्वारा लौटा दिया गया था। वर्तमान में केवल सेवा की महिलाओं को यह लाभ दिया जा रहा है, लेकिन श्रमिक एवं कार्यशाला कर्मचारियों के लिए नियमों में बदलाव की संभावना तलाशी जा रही है।
परिवहन एवं सडक़ सुरक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बुधवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम कार्यशाला में कार्यरत महिला कार्मिकों को चाइल्ड केयर लीव देने के प्रस्ताव का पुन: परीक्षण करवाया जाएगा। पूर्व में इस संबंध में भेजा गया प्रस्ताव वित्त विभाग द्वारा लौटा दिया गया था।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सेवा नियमों के तहत निगम में कार्यरत कर्मचारी सेवा की महिलाओं को ही राज्य कर्मचारियों की भांति चाइल्ड केयर लीव का लाभ दिया जा रहा है।
परिवहन एवं सडक़ सुरक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि सेवा नियमों में भिन्नता होने के कारण वर्तमान में श्रमिक एवं कार्यशाला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
इससे पहले विधायक गीता बरबड के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में परिवहन एवं सडक़ सुरक्षा मंत्री ने बताया कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में कार्यरत मंत्रालयिक संवर्ग की पात्र महिला कार्मिक को पूर्ण सेवाकाल में अधिकतम 730 दिवस की चाईल्ड केयर लीव की सुविधा देय है। उन्होंने इस के लिए निगम द्वारा जारी आदेश का विवरण सदन के पटल पर रखा।
Updated on:
05 Mar 2025 07:14 pm
Published on:
05 Mar 2025 07:14 pm
