जयपुर

… तो क्या किरोड़ी के राज्यसभा जाने के बाद गोलमा को भी मिलेगा ‘तोहफा’? जानें क्या हैं संभावना

डॉ किरोड़ी की पत्नी गोलमा देवी को सरकार कोई बड़ी ज़िम्मेदारी देगी या नहीं इस बारे में चर्चाएं तेज़ है, सस्पेंस बना हुआ है।

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Mar 15, 2018

जयपुर।

राजस्थान में प्रदेश की सियासत इन दिनों एक बार फिर गरमाई हुई है। राजपा के भाजपा में विलय होने और विधायक डॉ किरोड़ी लाल मीणा को राज्यसभा भेजने के बाद अब सत्ता और संगठन में बदलाव होना तय माना जा रहा है। इस बीच अब सभी की नज़रें डॉ किरोड़ी की पत्नी गोलमा देवी और उनकी पार्टी की सदस्य रहीं विधायक गीता वर्मा को मिलने वाली ज़िम्मेदारी पर टिकीं हुई है।

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जानकारों की मानें तो प्रदेश नेतृत्व गोलमा देवी और गीता वर्मा को सरकार में कोई महत्वपूर्ण भूमिका देने पर भी मंथन कर रही है। माना जा रहा है कि सरकार और संगठन में फेरबदल कर इन दोनों को एडजस्ट किया जाएगा।


...या सिर्फ टिकिट देकर ही करायेंगें संतोष!
हालांकि कुछ राजनितिक विश्लेषकों का ये भी मानना है कि राज्य मंत्रिमंडल और संगठन में बदलाव तो होंगें लेकिन गोलमा और गीता वर्मा को कोई बड़ी ज़िम्मेदारी मिलने की संभावना नहीं के बराबर हैं। इन दोनों को आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी का टिकिट देकर ही नवाज़ा जा सकता है।

... और इसलिए नहीं भी बन सकती मंत्री
उधर, चर्चाएं ये भी गर्म है कि डॉ मीणा के राज्य सभा पहुंचने के बाद उन्हें केंद्र में कोई बड़ी ज़िम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसे में गोलमा और गीता वर्मा को मंत्री पद या कोई बड़ी ज़िम्मेदारी देने से बचा जा सकता है। वहीं राज्य सरकार के मौजूदा कार्यकाल में अब ज़्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में अलप समय के लिए मंत्री पद देने का कोई औचित्य दिखाई नहीं दे रहा है।

राज्य मंत्री रह चुकीं हैं गोलमा
गौरतलब है कि राजगढ़-लक्ष्मणगढ से विधायक गोलमा देवी पूर्व में अशोक गहलोत सरकार में मंत्री के पद पर रह चुकीं हैं। उनके पास खादी एवं ग्रोमाद्योग राज्य मंत्री का ज़िम्मा था। वहीं विधायक गीता देवी सिकराय से विधायक हैं। सूत्रों के अनुसार गोलमा देवी को मंत्री पद का अनुभव होने की वजह से उन्हें फिर से मंत्री बनाया जा सकता है, जबकि गीता देवी को किसी बोर्ड या निगम का ज़िम्मा दिया जा सकता है। लेकिन ये तो तय है कि राजपा को छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाली इन दोनों महिला विधायकों को अहम् ज़िम्मेदारी दी जा सकती है।

खुद की सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ चुकीं हैं गोलमा

गोलमा देवी पहली बार सरकार में मंत्री बनाये जाने के समय चर्चा में आईं थीं। फिर इसके बाद वे अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ जाने की वजह से थीं। उस समय वे सांसद पति डॉक्टर मीणा के समर्थन में धरने पर बैठे थी।

सीएम दिल्ली में, फेरबदल की चर्चाएं तेज़
सीएम वसुंधरा राजे दिल्ली पहुंच गई है जहां उनका कई बड़े नेताओं से मिलने का कार्यक्रम है। ऐसे में राज्य के मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। दरअसल, उपचुनाव में भाजपा के प्रदर्शन में लगातार गिरावट के चलते प्रदेश में संगठन और सरकार में फेरबदल की सुगबुगाहट कई दिनों से चल रही थी।

कैबिनेट की बैठक से ठीक पहले मुख्यमंत्री का दिल्ली पहुंचने से कई अटकलों को जन्म दे गया। दिल्ली में उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं से मिलने का कार्यक्रम बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि हिन्दी प्रदेशों में भाजपा के गिरते प्रदर्शन से राष्ट्रीय नेतृत्व खासा चिंतित है।

वहीं सत्ता को बरकरार रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत हाल ही में किरोड़ीलाल मीणा को भाजपा में शामिल कर राज्यसभा का टिकट दिया गया। अब मंत्रिमंडल में फेरबदल कर नाराज जातियों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर उन्हें मनाने की कोशिश की जा सकती है।

डेमेज कन्ट्रोल में तेजी
जानकारों का कहना है कि चुनाव में अधिक समय नहीं है। यह बात भाजपा नेताओं को पता है। यही वजह है कि डेमेज कन्ट्रोल में तेजी लाई जा रही है। इसके तहत तबादले खोले गए तो राजनीतिक नियुक्तियों का दौर भी शुरू हो चुका है।

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Updated on:
15 Mar 2018 12:01 pm
Published on:
15 Mar 2018 12:00 pm
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