Rajasthan Government's Gift To Employees: सरकार के कार्मिक विभाग ने नियमों में शिथिलता देत हुए आदेश जारी कर दिया है।
Rajasthan Government's Gift To Employees: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले राज्य कर्मचारियों को साधना शुरू कर दिया है। सीएम ने कर्मचारियों पर दांव खेलते हुए सभी तरह की सेवाओं में प्रमोशन के लिए कर्मचारियों को 2 साल की छूट दी है। सरकार के कार्मिक विभाग ने नियमों में शिथिलता देत हुए आदेश जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि सरकार का यह फैसला आने वाले चुनावों में राज्य के 7.5 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को साधने की कोशिश है।
उल्लेखनीय है कि पिछले काफी वक्त से सीएम अशोक गहलोत कहते रहे हैं कि राज्य कर्मचारियों को प्रमोशन में किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसी को देखते हुए हाल ही में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को प्रमोशन से जुड़े कामकाज तेजी से निपटाने के निर्देश दिए थे। सरकार ने कर्मचारियों के हित में यह निर्णय लेते हुए प्रमोशन में 2023—24 के रिक्त वर्षोंं के लिए भी छूट दी है।
यह भी पढ़ें:राजस्थान के इस जिले में कुर्सी पर हो रही राजनीति, एक साल में बदल गए 3 कलक्टर
19 साल पहले बने थे नियम
गौरतलब है कि करीब 19 साल पहले तत्कालीन बीजेपी सरकार ने 2004 में इस संबंध में नियम जारी किए थे। नियमों के तहत किसी कर्मचारी को तीसरी संतान होने पर पदोन्नति से रोका जा सकेगा साथ ही हर साल कर्मचारियों से इसको लेकर शपथ—पत्र भी लिया जाता है। प्रारंभिकतौर यह रोक 5 साल तक लागू रहने वाली थी। लेकिन 2017 में बीजेपी की ही सरकार ने प्रमोशन की अवधि तीन साल कर दी। बीजेपी के 2017 के आदेशों के बाद अब कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार ने नया आदेश जारी कर कर्मचारियों के हित में फैसला लिया है। इससे कर्मचारी के वेतन में बढ़ोतरी भी नहीं रुकेगी।
तीसरी संतान होने पर भी पदोन्नति नहीं रोकी जाएगी
उल्लेखनीय है कि इससे पहले सीएम गहलोत मार्च में राज्य कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। अब तीसरी संतान होने पर भी पदोन्नति नहीं रोकी जाएगी। सरकार के कार्मिक विभाग की ओर से सरकार के इस फैसले के बाद आदेश जारी कर दिए गए हैं। गुरुवार को सर्विस रूल्स में संशोधन के आदेश जारी होने के बाद राज्य कर्मचारियों के बीच यह आदेश खुशखबरी के रूप में वायरल हो गया। एक जून 2002 के बाद 2 से अधिक बच्चा होने पर भी कर्मचारियों को प्रमोशन का फायदा मिलेगा।