जयपुर

सरकार तैयार करेगी AI-संचालित ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ का विशेष पाठ्यक्रम

India AI Mission: IIPA बनेगा नोडल संस्थान, अधिकारी सीखेंगे AI से बेहतर प्रशासन चलाना।

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Apr 19, 2026
Photo: Pib
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जयपुर/नई दिल्ली. सरकार अब सरकारी कामकाज को और स्मार्ट, तेज तथा पारदर्शी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने जा रही है। इसके लिए एआई-संचालित ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ का विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा।केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) के 72वें स्थापना दिवस समारोह में यह महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने IIPA को इस पाठ्यक्रम को तैयार करने और चलाने का नोडल संस्थान बनाने का प्रस्ताव रखा।

पाठ्यक्रम में क्या होगा ?

AI in Governance

यह कोर्स मुख्य रूप से सरकारी अधिकारियों के लिए डिजाइन किया जाएगा। इसमें AI टूल्स का व्यावहारिक उपयोग सिखाया जाएगा ताकि प्रशासनिक काम और बेहतर तरीके से किए जा सकें।

मुख्य विषय होंगे

  • डेटा के आधार पर फैसले लेना (Data-driven Governance)
  • सरकारी सेवाओं को तेज और नागरिक-अनुकूल बनाना
  • भ्रष्टाचार कम करना और पारदर्शिता बढ़ाना
  • शिकायत निवारण प्रणाली (CPGRAMS) को AI से और प्रभावी बनाना
  • जिला स्तर पर बेहतर प्रशासन के लिए AI का उपयोग

पाठ्यक्रम से जानेंगे अधिकारी

  • AI टूल्स का इस्तेमाल करके सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कैसे करें
  • रीयल-टाइम डेटा एनालिसिस और भविष्यवाणी करना
  • नागरिकों की समस्याओं का तेजी से समाधान करना
  • AI को सहायक बनाकर मानवीय निर्णय और नैतिकता को बनाए रखना
  • डिजिटल इंडिया और इंडिया एआई मिशन के तहत AI का व्यावहारिक अनुप्रयोग

जिला स्तर पर IIPA के चैप्टर खोलने का सुझाव

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि IIPA को क्षमता निर्माण आयोग, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और अन्य संस्थानों के साथ मिलकर इस पाठ्यक्रम का फ्रेमवर्क तैयार करना चाहिए। उन्होंने युवा सिविल सेवकों को भी इसमें शामिल करने और जिला स्तर पर IIPA के चैप्टर खोलने का सुझाव दिया।

129 कोर्स के माध्यम से अधिकारियों को ट्रेनिंग

इस साल IIPA ने 129 कोर्स के माध्यम से लगभग 6,000 अधिकारियों को पहले ही ट्रेनिंग दी है। मिशन कर्मयोगी के तहत 14.5 करोड़ से ज्यादा अधिकारी क्षमता विकास प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड हैं। सरकार इंडिया एआई मिशन के तहत 10,370 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। यह पहल डिजिटल इंडिया और स्मार्ट गवर्नेंस के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। AI के जरिए सरकारी सेवाएं और ज्यादा कुशल, सस्ती और आम लोगों के अनुकूल बन सकेंगी।

AI-स्मार्ट गवर्नेंस पाठ्यक्रम के मुख्य बिंदु

  • नोडल संस्थान: भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA)
  • लक्ष्य: सरकारी अधिकारियों को AI ट्रेनिंग
  • फोकस: डेटा-ड्रिवन फैसले, पारदर्शिता और तेज सेवा
  • संबंधित मिशन: मिशन कर्मयोगी और इंडिया एआई मिशन
  • बजट: इंडिया एआई मिशन के तहत 10,370 करोड़ रुपए
Updated on:
19 Apr 2026 03:06 pm
Published on:
19 Apr 2026 03:02 pm