जयपुर

गोविंद सिंह डोटासरा ने OBC प्रमाण पत्र विवाद पर दी खुली चुनौती, कहा-मंत्री ईमानदार निकले तो मैं खुद धन्यवाद देने जाऊंगा

Rajasthan Politics News: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। डोटासरा ने "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" कहावत का हवाला देते हुए कृषि विभाग में हुए कथित खाद-बीज घोटाले को लेकर सरकार और मंत्री को कटघरे में खड़ा किया।
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Jun 24, 2026
Govind Singh Dotasra
गोविंद सिंह डोटासरा। फोटो पत्रिका नेटवर्क

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। डोटासरा ने "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" कहावत का हवाला देते हुए कृषि विभाग में हुए कथित खाद-बीज घोटाले को लेकर सरकार और मंत्री को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले मंत्री को अपने विभाग के भीतर फैले भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। डोटासरा ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बॉर्डर सुरक्षा और यमुना जल समझौते सहित कई मुद्दों पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।

ओबीसी प्रमाण पत्र विवाद पर दी खुली चुनौती

किरोड़ी लाल मीणा द्वारा ओबीसी प्रमाण पत्र और नियुक्तियों को लेकर की गई शिकायतों पर डोटासरा ने स्पष्ट किया कि 1999 से भारत सरकार और राजस्थान सरकार के जो नियम तय हैं, उसी आधार पर काम हुआ है। 2019 के जिस परिपत्र का हवाला दिया जा रहा है, वह महज एक त्रुटिपूर्ण चिट्ठी थी, जिसे 2021 में ही संशोधित कर आरपीएससी को स्पष्टीकरण दिया जा चुका है।

डोटासरा ने कहा कि यह मामला कोर्ट और पूर्ववर्ती सरकारों के स्तर पर पहले ही साफ हो चुका है। सरकार को यदि कोई संदेह है, तो वह किसी भी स्तर की जांच करा सकती है, वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। मंत्री केवल अपने विभाग के भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए 5 साल पुराना राग अलाप रहे हैं।

कृषि विभाग में भ्रष्टाचार की नैतिक जिम्मेदारी लें मंत्री

डोटासरा ने कृषि विभाग के तहत हुए छापों और उसमें सामने आई 2 करोड़ 43 लाख रुपए की कथित रिश्वत राशि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि खुद मंत्री ने माना था कि उनके पीछे से लोग चोरी कर रहे थे। डोटासरा ने कहा कि जब विभाग के डायरेक्टर स्तर के अधिकारी और डिकॉय टीम के सदस्य इस तरह की अवैध उगाही में रंगे हाथों पकड़े जाते हैं, तो इसकी 100 प्रतिशत नैतिक जिम्मेदारी विभागीय मंत्री और राज्य सरकार की बनती है। मंत्री खुद को कट्टर ईमानदार कहते हैं, तो उन्हें तुरंत मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की एसओजी जांच की मांग करनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में करीब 300 से 500 करोड़ रुपए का बड़ा खेल हुआ है। जब इतनी बड़ी राशि पकड़ी गई है, तो इस मामले में अब तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कदम क्यों नहीं उठाए? उन्होंने कहा कि मंत्री अपने विभाग में डाले गए सभी 1200 छापों की जांच करवाएं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को लक्ष्मण रेखा न लांघने की धमकी देने के बजाय मंत्री अपने विभाग में डाले गए सभी 1200 छापों की जांच करवाएं। अगर वे जांच में पाक-साफ निकलते हैं, तो मैं खुद उन्हें धन्यवाद देने जाऊंगा। लेकिन अपनी बारी आने पर दूसरों की तरफ चोर-चोर का इशारा करके असली दोषियों को बचाना गंदी राजनीति है।

चिकित्सा महकमे में अव्यवस्था

डोटासरा ने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए कहा कि आज अस्पतालों में इलाज और दवाइयां नहीं हैं और जहां हैं, वहां नकली दवाइयां सप्लाई हो रही हैं।

कोटा में 5, बीकानेर में 2 और जोधपुर में प्रसूताओं की मौतें सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता का प्रमाण हैं। कफ सिरप और नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से मरीजों की किड़नियां फेल हो रही हैं। चिकित्सा मंत्री प्रसूताओं को लेकर असंवेदनशील बयान दे रहे हैं।

बॉर्डर पर धार्मिक स्थलों को टारगेट पर घेरा

डोटासरा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है और इसमें हम सरकार के साथ हैं। लेकिन बिना टाइटल चेक किए, महज 1-2 घंटे का अल्टीमेटम देकर मंदिर-मस्जिदों को हटाना और धार्मिक उन्माद फैलाकर अपनी 12 साल की नाकामियों को छुपाना कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार को जो भी कार्ययोजना लागू करनी है, उसे सर्वदलीय बैठक बुलाकर पूरी पारदर्शिता के साथ मीडिया और जनता के सामने रखना चाहिए।

कोचिंग सेंटरों पर हो रही सीलिंग की कार्रवाई पर डोटासरा ने कहा कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर यह एक सतत और नियमित प्रक्रिया होनी चाहिए।

Published on:
24 Jun 2026 03:02 pm