Farmers Welfare: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ग्राम विकास चौपाल: गांव-गांव पहुंचा सुशासन, मौके पर हुए समाधान। ग्रामीणों से सीधे संवाद में मुख्यमंत्री ने सुनी समस्याएं, विकास कार्यों को मिली त्वरित मंजूरी।
Gram Vikas Chaupal: जयपुर.राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण जनसंवाद को नई पहचान दी है। प्रतापगढ़, सीकर, अजमेर, जालोर, जयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर के गांवों में आयोजित चौपालों के माध्यम से मुख्यमंत्री ने सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और विकास का प्रभावी मॉडल माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ के बम्बोरी, सीकर के जाजोद, अजमेर के कड़ैल, जालोर के पंसेरी, जयपुर के ठिकरिया, बांसवाड़ा के चुड़ादा और डूंगरपुर के धम्बोला गांवों में चौपाल लगाकर किसानों, महिलाओं, युवाओं और पशुपालकों से चर्चा की। उन्होंने खेती-किसानी, पशुपालन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री देर रात तक ग्रामीणों के बीच रहे और गांवों में रात्रि विश्राम कर सुबह-सुबह आमजन से मुलाकात की।
चौपालों में ग्रामीणों ने राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी साझा की। महिलाओं ने राजीविका योजना से आर्थिक स्थिति मजबूत होने की बात कही, जबकि युवाओं ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपरलीक पर नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया। पशुपालकों ने मोबाइल वेटरनरी यूनिट, मंगला पशु बीमा योजना और दुग्ध उत्पादक संबल योजना की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांगों पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। सीकर के जाजोद गांव में खेल स्टेडियम खोलने की घोषणा की गई, वहीं बालिकाओं के लिए विज्ञान संकाय शुरू करने के आदेश तुरंत जारी किए गए। अजमेर के कड़ैल गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करने तथा परिवहन सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। जालोर के पंसेरी गांव में सड़क उन्नयन, एनीकट निर्माण, खेल स्टेडियम और सब्जी मंडी की योजनाओं को गति देने के निर्देश दिए गए।
बांसवाड़ा के चुड़ादा गांव में मुख्यमंत्री ने राजीविका बहनों के लिए सीएलएफ कार्यशाला और पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विकास कार्यों के लिए लाखों रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गईं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ एपीओ कार्रवाई भी की गई।
मुख्यमंत्री की संवेदनशील कार्यशैली उस समय देखने को मिली जब एक महिला ने अपने बीमार बेटे की देखभाल के लिए पति के तबादले की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने तुरंत पदस्थापन आदेश जारी करवाए। डूंगरपुर के धम्बोला गांव में तालाब विकास, खेल सुविधाओं और स्कूल भवन निर्माण के निर्देश भी दिए गए।
ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम अब केवल संवाद का मंच नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री की इस पहल से ग्रामीणों में सरकार के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।