जयपुर

जयपुर में बनेगा राजस्थान का सबसे बड़ा मंदिर, CM भजनलाल ने गुप्त वृंदावन धाम में किया राधा-कृष्ण शिला पूजन, बोले- गौरव की बात

जयपुर के जगतपुरा में बन रहे गुप्त वृंदावन धाम में CM भजनलाल शर्मा ने राधा-कृष्ण शिला पूजन किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के सबसे बड़े मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में इसका निर्माण जयपुर के लिए गौरव की बात है।
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Aug 10, 2026
Radha Krishna Shila Pujan
सीएम भजनलाल शिला पूजन करते हुए (Photo-Patrika)

Jaipur Gupt Vrindavan Dham: जयपुर के जगतपुरा स्थित गुप्त वृंदावन धाम में सोमवार को राधा-कृष्ण शिला पूजन का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वैष्णव परंपरा के अनुसार विधि-विधान से शिला की पूजा की और भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की महाआरती में शामिल हुए। इसी शिला से मंदिर में श्री श्री राधा श्यामसुंदर की प्रतिमा तैयार की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे परिसर में भक्ति का माहौल देखने को मिला।

गुप्त वृंदावन धाम में CM भजनलाल शर्मा

CM भजनलाल बोले- गौरव की बात है

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर में राजस्थान के सबसे बड़े मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में गुप्त वृंदावन धाम का बनना पूरे शहर के लिए गौरव की बात है। आगे उन्होंने कहा कि पहले गुप्त वृंदावन धाम में भगवान कृष्ण-बलराम के दर्शन होते थे। अब यहां श्री श्री राधा श्यामसुंदर के दर्शन भी श्रद्धालुओं को होंगे। उन्होंने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का भी जिक्र किया और कहा कि ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा देश की पहचान का जरूरी हिस्सा है।

6 एकड़ में बन रहा 17 मंजिला गुप्त वृंदावन धाम

गुप्त वृंदावन धाम करीब 6 एकड़ जमीन पर तैयार किया जा रहा है। इसका मकसद सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। धाम 17 मंजिल का होगा और इसे राजस्थान के बड़े आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मंदिर का उद्घाटन अगले साल 12 मई को होने वाला है और उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

वैष्णव परंपरा के अनुसार किया शिला पूजन

रात में दिखेंगी भगवान कृष्ण की लीलाएं

धाम में 180 फीट लंबी और 108 फीट चौड़ी कमान छतरी भी बनाई जा रही है। इसकी खासियत यह होगी कि रात के समय प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए इस पर भगवान कृष्ण की लीलाएं दिखाई जाएंगी। इसके अलावा मंदिर का मुख्य गेट करीब 70 फीट ऊंचा होगा। इसे राजस्थानी कारीगरी की झलक देते हुए 108 मोर की आकृतियों से सजाया जाएगा। इससे धाम का मुख्य प्रवेश द्वार देखने में काफी खास नजर आएगा। इसके अलावा यहां करीब 25 हजार वर्गफीट का बड़ा दर्शन हॉल बनाया जाएगा। साथ ही 14 प्रेजेंटेशन रूम और ऑडियो-विजुअल थिएटर भी होंगे।

Updated on:
10 Aug 2026 05:10 pm
Published on:
10 Aug 2026 05:10 pm