जयपुर

Rajasthan: होटल में वेटर बन छिपा था गुरुविन्दर, लश्कर का आतंकी भी 11 महीने जयपुर में रहा; सुरक्षा एजेंसियां खंगाल रही लोकल नेटवर्क

Jaipur News: राजस्थान एटीएस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि गुरुविन्दर अपने आकाओं के निर्देश पर जयपुर आया था। उसने जानबूझकर रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त इलाके के एक होटल में बर्तन धोने और झाड़ू-पोछा करने का काम चुना। इसका मकसद सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचना और खुद को एक मजबूर प्रवासी मजदूर के रूप में पेश करना था।
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May 10, 2026
Terror Module
उमर हारिस और गुरुविन्दर। फोटो: पत्रिका

जयपुर। आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) और खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध गुरुविन्दर सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां उसके 'डिजिटल फुटप्रिंट्स' और स्थानीय संपर्कों को खंगालने में जुट गई हैं। जांच में सामने आया है कि गुरुविन्दर ने अपनी पहचान छिपाने के लिए जयपुर में एक बेहद साधारण और लो-प्रोफाइल जीवनशैली अपनाई थी।

राजस्थान एटीएस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि गुरुविन्दर अपने आकाओं के निर्देश पर जयपुर आया था। उसने जानबूझकर रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त इलाके के एक होटल में बर्तन धोने और झाड़ू-पोछा करने का काम चुना। इसका मकसद सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचना और खुद को एक मजबूर प्रवासी मजदूर के रूप में पेश करना था। करीब दो महीने तक वह इसी वेश में रहकर आतंकी मॉड्यूल के लिए काम करता रहा।

सोशल मीडिया पर फैला रहा था नफरत

होटल में वेटर का काम करने के साथ-साथ गुरुविन्दर डिजिटल दुनिया में बेहद सक्रिय था। वह फेसबुक मैसेंजर और अन्य एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिये पाकिस्तान समर्थित हैंडलर्स और देश विरोधी तत्वों के संपर्क में था। वह लगातार खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहा था। एटीएस अब यह पता लगा रही है कि उसके डिजिटल नेटवर्क में राजस्थान के अन्य कौन से लोग शामिल थे।

सुरक्षा एजेंसियों खंगाल रही लोकल नेटवर्क

सुरक्षा एजेंसियां अब इस बिंदु पर जांच कर रही हैं कि क्या जयपुर में गुरुविन्दर को किसी ने स्थानीय स्तर पर रसद या तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई थी। उसके मोबाइल और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच से फंडिंग के स्रोतों का पता लगाया जा रहा है। इससे पहले लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश भी जयपुर में 11 महीने तक रहा था। आतंकी या संदिग्ध ने जयपुर को अपना ठिकाना बनाया हो।

लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी भी 11 महीने जयपुर में रहा

इससे पहले लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी उमर हारिस भी जयपुर में लंबे समय तक छिपकर रह चुका है। अधिकारियों का मानना है कि गुरुविन्दर, उमर हारिस का जयपुर को 'सेफ हाइडआउट' (सुरक्षित ठिकाना) के रूप में इस्तेमाल करना गंभीर चिंता का विषय है, जिसे लेकर शहरभर के होटलों और संदिग्धों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

Updated on:
10 May 2026 08:28 am
Published on:
10 May 2026 08:28 am
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