
Indian Public Health Standards: जयपुर। प्रदेशभर में 5 से 7 नवम्बर तक सभी चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी सरकारी चिकित्सा संस्थान ‘इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड’ (IPHS) के मानकों पर खरे उतरें। जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां मिशन मोड में सुधार किए जाएंगे।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सभी संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) अपने-अपने क्षेत्र में संस्थानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
राठौड़ ने बताया कि टीकाकरण लक्ष्य से पीछे रहने वाले सभी आरसीएचओ को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
प्रदेशभर में संचालित एम्बुलेंस सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल से अगस्त के बीच एम्बुलेंस संचालन में कमियां पाए जाने पर 2 करोड़ रुपए से अधिक की पेनल्टी लगाई गई है। अब प्रत्येक अधिकारी को अपने क्षेत्र में नियमित जांच सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक में राज हेल्थ पोर्टल पर नियमित डेटा अपडेट, एनसीडी स्क्रीनिंग का विस्तार, और यूडीआईडी के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा सहित सभी संयुक्त निदेशक, सीएमएचओ और बीसीएमओ अधिकारी वीसी के माध्यम से शामिल हुए।