
जयपुर। हरियाली अमावस्या पर गुरुवार को प्रदेश के कुछ जिलों में मेघ मेहरबान हो गए। माउंटआबू और अजमेर में भारी बारिश हुई। पर्यटन स्थल माउंट आबू में झमाझम बारिश से गुरुवार शाम चार बजे तक करीब 10 इंच बारिश दर्ज की गई है। तेज गति से बहते झरने सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। नक्की झील में करीब तीन फीट पानी आया है।
वहीं अजमेर में गुरुवार को हुई झमाझम बारिश ने समूचे शहर को जलमग्न कर दिया। बाहरी इलाकों और निचली बस्तियों में गलियों और घरों में पानी घुस गया। कई इलाके तो बरसात और पानी के चलते टापू बन गए। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
अजमेर के आनासागर झील में भी बरसात के बाद जलस्तर 14.11 फीट पहुंच गया, जबकि झील की भराव क्षमता 13 फीट ही है। ऐसे में जल्द ही झील के चैनल गेट खोले जाएंगे।
मौसम विभाग ने सुबह 11.30 बजे तक 112 मिलीमीटर बरसात (सवा चार इंच) दर्ज की। पुष्कर में भी सुबह दो घंटे की बरसात से 5 इंच से अधिक पानी बरसा। इससे सड़कें दरिया बन गईं। सरोवर में करीब 43 साल बाद एक ही दिन में 8 फीट पानी की आवक हुई। सरोवर का जलस्तर 22 फीट पहुंच गया।
बांसवाड़ा जिले के सल्लोपाट में 33 मिमी बारिश दर्ज की गई। चित्तौडगढ़ जिले में कई जगह मूसलाधार बारिश हुई। सर्वाधिक करीब तीन इंच बारिश कपासन में दर्ज हुई। झालावाड़ जिले में सबसे ज्यादा बारिश खानपुर क्षेत्र में होने से रुपली नदी में उफान आ गया है। डुंडी गाडरवाड़ा गांव के खाल में तेज बहाव आने से आइटीआइ की परीक्षा देने जा रहे छात्र केन्द्र तक नहीं पहुंच सके, इससे परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
सारोला क्षेत्र के बालापुरा खाल की पुलिया पर 10 फीट तक पानी आने से पिपल्दा, सेलीगढ़ी मार्ग तीन घंटे बंद रहा, उधर पनवाड़ कस्बे से गुजर रहा स्टेट हाइवेे की खरंण्य नदी की पुलिया पर दो घंटे तक पानी होने से मार्ग अवरुद्ध रहा।
कालीसिंध बांध के दो गेट साढ़े तीन मीटर खोल रखे है। भीलवाड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बरसात हुई। कोटड़ी में 60, सहाड़ा 46 व बनेड़ा में 44 मिलीमीटर वर्षा हुईहरियाली अमावस्या पर गुरुवार को शहर तरबतर हो गया।
चार दिन बाद बरसे बदरा, शहर लबालब
शेखावाटी अंचल में चार दिन से तरसा रहे बदरा राहत बनकर जमकर बरसे। एक बार फिर झमाझम शुरू हो गई है। अंचल में शाम करीब साढ़े पांच बजे बारिश का दौर शुरू हुआ। करीब एक घंटे तक झमाझम हुई। इस दौरान जिले के कई स्थानों पर बारिश हुई। झुंझुनूं जिले में भी कई स्थानों पर बारिश हुई। सीकर में एक घंटे के दौरान ११ मिमी बारिश हुई।
बीकानेर में चार ईंच बरसा पानी, हाइवे पर फंसे वाहन
बीकानेर शहर में शाम 5.15 बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश करीब आधे घंटे तक लगातार चली। इसके बाद बारिश की रफ्तार कुछ धीमी हुई लेकिन, शाम करीब 6.45 बजे तक बरसात होती रही। बरसात से निचले इलाकों में पानी भर गया। बीकानेर-जैसलमेर और बीकानेर-श्रीगंगानगर नेशनल हाइवे पर ढाई फीट तक पानी जमा हो गया। इससे वाहन पानी में फंस गए और लम्बी कतारें लग गई।
लगातार बारिश से करीब चार ईंच पानी बरसा। इसके बाद भी देर रात तक बादल छाए हुए थे और गर्जना के साथ बौछारें गिरती रही। बीकानेर की पुरानी गिन्नाणी के निचले इलाकों में घरों में बरसात का पानी घुस गया। जूनागढ़ के सामने सूरसागर की दीवार भी बरसाती पानी के बहाव के सामने नहीं टिक पाई और धराशायी हो गई। मुख्य बाजार केईएम रोड पर दुकानों के आगे खड़े दुपहिया वाहन पानी में बह गए।
14 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी ( Heavy Rain warning Rajasthan )
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर प्रदेश के 14 जिलों के लिए भारी बारिश आने की आशंका जताई है। चेतावनी के अनुसार प्रदेश में आगामी पांच दिन के दौरान कई जगह तेज बारिश के साथ अंधड़ भी आ सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी में अजमेर, बूंदी, टोंक, झालावाड़, कोटा, बारां, भीलवाड़ा, चित्तौडगढ़, राजसमंद, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, जोधपुर, पाली जिला शामिल है। अगले दिन शुक्रवार को सीकर, झुंझुनूं, उदयपुर, भीलवाड़ा, चितौडगढ़, सिरोही सहित कई जिलों में बादलों की गर्जना के बीच तेज बारिश हो सकती है।