जयपुर

Jaipur: DOIIT घोटाले पर हाईकोर्ट की ACB को फटकार… भ्रष्टाचारियों को बचाया तो एसीबी भी दोषी, कोई भी बचेगा नहीं

DOIT Scam Rajasthan: राजस्थान हाईकोर्ट ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में कथित भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए चेताया, यदि भ्रष्टाचारियों को बचाया जा रहा है तो भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारी भी दोषी हैं।
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Feb 23, 2026
भ्रष्टाचारियों को बचाने के मामले में हाईकोर्ट की एसीबी को फटकार, पत्रिका फोटो
भ्रष्टाचारियों को बचाने के मामले में हाईकोर्ट की एसीबी को फटकार, पत्रिका फोटो

DOIT Scam Rajasthan: राजस्थान हाईकोर्ट ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में कथित भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए चेताया, यदि भ्रष्टाचारियों को बचाया जा रहा है तो भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारी भी दोषी हैं। कार्रवाई से कोई भी बच नहीं पाएगा।

कोर्ट ने 9 मार्च तक सुनवाई टालते हुए एसीबी से कहा, कार्रवाई करके अगली तारीख पर जानकारी पेश की जाए। सुनवाई के दौरान सामने आया कि एसीबी ने पिछले 3-4 माह में 16 कार्रवाई की और उनमें सबसे बड़ा अधिकारी तहसीलदार था, जिस पर कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि क्या ऊपर के स्तर पर भ्रष्टाचार नहीं है। न्यायाधीश अशोक कुमार जैन ने डॉ.टी एन शर्मा की याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। इस दौरान एसीबी की ओर से उपमहानिरीक्षक आनंद शर्मा हाजिर हुए और जांच के लिए समय मांगा।

एसीबी को कोर्ट से फटकार

इस पर कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की, आपको काफी समय दिया जा चुका है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी ने कोर्ट को बताया कि अदालती आदेश के बाद दस्तावेज सहित 27 शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को दी गईं, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं की गई। सिर्फ एक प्रकरण में चार महीने पहले एफआइआर दर्ज की गई और उसमें भी काफी प्रयास के बाद 4 दिन पहले शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए गए हैं।

भ्रष्टाचार निरोधक विभाग क्लर्क-पटवारी-चपरासी-कांस्टेबल-सब इंस्पेक्टर के खिलाफ तो तुरंत कार्रवाई करता है और गिरफ्तार कर लेता है, लेकिन बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई करने से बचते हैं। एसीबी केवल समय पास कर रही है। एक प्रकरण में तो अधिकारी व्हाइटनर लगा-लगाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कार्यदेशों को बढ़ाता रहा, लेकिन एसीबी कार्रवाई नहीं कर रही।

भ्रष्टाचारियों को बचाया तो कोर्ट करेगा कार्रवाई

कोर्ट ने डीआइजी शर्मा से पूछा कि एसीबी ने 3-4 माह में कितनी कार्रवाई की। शर्मा ने कहा, 16 कार्रवाई की और उनमें 5 बड़े क्लास बी के अधिकारी थे और 11 छोटे क्लास-सी कर्मचारी। सबसे बड़ा अधिकारी तहसीलदार था। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि इसका मतलब क्या छोटे स्तर पर ही भ्रष्टाचार है।

डीआइजी ने कहा, सरकार से 4 ऑडिट टीम मांगी हैं 8 टेंडरों को स्कैन किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा, आप भ्रष्टाचारियों को बचा रहे हो तो कोर्ट दोषी मानकर आपके खिलाफ कार्रवाई करेगा। संबंधित अधिकारियों को बुलाकर पूछताछ की जाए, उनकी कॉल डिटेल ली जाए। डीआइजी ने कहा, वित्तीय जानकारी ले रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा, इससे काम चलने वाला नहीं है।

Updated on:
23 Feb 2026 10:41 pm
Published on:
23 Feb 2026 10:41 pm