
राजस्थान विधानसभा का नया भवन अपनी अनूठी कला के साथ-साथ एक विशेष संयोग के लिए भी हमेशा याद रखा जाता है। यहां कभी 200 विधायकों का कोरम पूरा नहीं रहता है। हर बार विधायकों की मौत या अन्य कोई वजह के कारण एक या दो सीट खाली ही रहती है। पिछले 2013 और 2018 के बाद 2023 में भी 199 सीटों पर ही चुनाव हो रहा है। वर्तमान 15वीं विधानसभा की बात की जाए तो इसकी शुरुआत 199 सीटों के साथ शुरू हुई थी। अलवर के रामगढ़ में बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह की मौत के बाद चुनाव टल गया था। इसके बाद इस सीट पर उप चुनाव हुआ और कांग्रेस की सफिया जुबेर को जीत मिली थी। अब इस विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है, लेकिन एक सीट खाली पड़ी है। गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। समय कम होने की वजह से इस सीट पर उप चुनाव नहीं हो सका।
2013 में भी 199 सीटों पर हुआ था चुनाव
इसे संयोग ही कहा जाए कि साल 2013 में अधिसूचना जारी होने के बाद चूरू विधानसभा सीट से बसपा उम्मीदवार जे.पी. मेघवाल की अचानक मौत हो गई। इसके चलते 199 सीटों पर ही मतदान हुआ। इस बार भी 199 सीटों पर ही चुनाव हो रहा है। 15 नवंबर को करणपुर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी गुरमीत सिंह की मौत होने की वजह से यह संयोग बना है।
मौजूदा 15वीं विधानसभा
2020 - सहाड़ा से कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी का निधन
2020 - राजसमंद से भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी का निधन
2020 - सुजानगढ़ से कांग्रेस विधायक मास्टर भंवरलाल का निधन
2021 - धरियावद से भाजपा विधायक गौतम लाल मीणा का निधन
2021 - वल्लभनगर से कांग्रेस विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत का निधन
2022 - दिग्गज कांग्रेस नेता और विधायक भंवरलाल शर्मा का निधन
2023 - करणपुर से कांग्रेस विधायक 'गुरमीत सिंह कुन्नर' का निधन