जयपुर

Free Electricity Scheme: सोलर उत्पादन घटा तो फ्री बिजली योजना पर मंडराएगा संकट, जानें क्या है नया विवाद

PM Surya Ghar Yojana: 150 यूनिट फ्री बिजली फॉर्मूले पर सरकार और डिस्कॉम्स आमने-सामने। मानसून-सर्दी बने चुनौती, मुफ्त बिजली योजना के भविष्य पर सवाल।

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Jan 15, 2026
फाइल फोटो पत्रिका

150 Units Free Power: जयपुर। राजस्थान सरकार की 150 यूनिट फ्री बिजली योजना को लेकर नई चुनौती सामने आई है। यह योजना प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से जुड़ी है, जिसके अंतर्गत राज्य में प्रत्येक पात्र घर की छत पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगाया जा रहा है। दावा किया गया था कि इससे प्रतिमाह औसतन 150 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा और उपभोक्ताओं को उतनी ही बिजली नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

हालांकि बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) ने आशंका जताई है कि मानसून और सर्दियों के दौरान सूर्य प्रकाश कम होने से सोलर उत्पादन प्रभावित हो सकता है। यदि किसी माह सोलर पैनल से अपेक्षित बिजली उत्पादन नहीं हुआ तो शेष बिजली डिस्कॉम्स को बाजार से खरीदनी पड़ेगी, जिससे उनकी लागत बढ़ेगी। वर्तमान में सोलर से उत्पादित बिजली की लागत लगभग 3.25 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि बाजार से खरीदी जाने वाली बिजली 4.50 रुपये प्रति यूनिट या उससे अधिक महंगी पड़ती है।

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डिस्कॉम्स का यह है तर्क

डिस्कॉम्स का कहना है कि इस लागत अंतर से उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। इसलिए वे चाहते हैं कि सरकार पहले से ही इसकी भरपाई का स्पष्ट प्रावधान करे, ताकि योजना के संचालन में किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान न हो। दूसरी ओर, सरकार का तर्क है कि सोलर उत्पादन में महीने-दर-महीने उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। कुछ महीनों में उत्पादन कम हो सकता है तो कई महीनों में अपेक्षा से अधिक बिजली भी उत्पन्न होगी, जिससे संतुलन बना रहेगा।

⚡ 150 यूनिट फ्री बिजली योजना — तथ्य व विवाद (तालिका)

विषयविवरण
योजना का नाम150 यूनिट फ्री बिजली योजना
संबंधित योजनाप्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से जुड़ी राज्य योजना
पात्रताप्रत्येक पात्र घर
सोलर पैनल क्षमता1.1 किलोवाट प्रति घर
अनुमानित मासिक उत्पादनलगभग 150 यूनिट
राज्य सरकार की सब्सिडी₹17,000 प्रति उपभोक्ता
केंद्र सरकार का योगदानशेष राशि केंद्र योजना से वहन
उद्देश्यघरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना
मुख्य विवादमानसून और सर्दियों में सोलर उत्पादन घटने की आशंका
सोलर बिजली की लागतलगभग ₹3.25 प्रति यूनिट
बाजार से बिजली खरीद लागत₹4.50 या अधिक प्रति यूनिट
लागत अंतर का सवालअतिरिक्त लागत की भरपाई कौन करेगा, स्पष्ट नहीं
डिस्कॉम्स की मांगवित्तीय सुरक्षा और सब्सिडी गारंटी
सरकार का पक्षउत्पादन संतुलन से लागत प्रबंधन संभव

भविष्य में बदल सकती है नीति

ऊर्जा विभाग के सूत्रों के अनुसार यदि यह विवाद लंबे समय तक चलता है तो योजना के फॉर्मूले में संशोधन किया जा सकता है। विकल्प के रूप में सोलर क्षमता बढ़ाने या सब्सिडी संरचना में बदलाव पर भी विचार संभव है। फिलहाल उपभोक्ताओं को 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है, लेकिन भविष्य में नीति में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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Published on:
15 Jan 2026 02:07 pm
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