उच्च न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर ऐसे किया जा रहा है भ्रूण परीक्षण का काम...
जयपुर। सोनोग्राफी सेंटरों पर गड़बड़ी को पकडने के लिए लगाए गए एक्टिव ट्रेकरों से भी छेड़छाड़ की जा रही है। प्रदेश में 186 सेंटर ऐसे हैं, जहां एक्टिव ट्रेकर से छेड़छाड़ कर भ्रूण परीक्षण का काम किया जा रहा है।
उच्च न्यायालय के आदेश को दरकिनार
गौरतलब है कि राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सभी पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटरों पर एक्टिव टे्रकर लगाकर गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी करने का आदेश दिया गया था। पिछले दिनों सीकर जिले में किए गए 86 वें डिकॉय ऑपरेशन में रंगे हाथ जांच करते हुए पकड़े गए आरोपी डॉ.प्रबोध कुमार गुप्ता की जब्त मशीन की तकनीकी टीम की ओर से एक्टिव टे्रकर से छेड़छाड़ का मामला सामने आया।
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टीम ने पाया कि सेंटर पर पंजीकृत सोनोग्राफी मशीन को दोनो ही दिन चालु तो किया गया था, लेकिन किसी भी प्रकार का डाटा एकिटव टे्रकर में उपलब्ध नही था।
इन जिलों में गड़बड़ी
पीसीपीएनडीटी एक्ट के क्रियान्वयन के लिए कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता राजन चौधरी की ओर से किए गए अध्ययन के अनुसार शेखावाटी अंचल के सीकर में 9, झुुंझुनूं में 6 व चूरू में 4 सोनोग्राफी सेंटर एक्टीव टे्रकर से छेडछाड़ करजांच कर रहे हैं।
कार्यवाही के लिए लिखा पत्र
चौधरी ने राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी को पत्र लिखकर राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए एक्टिव टे्रकर से छेड़छाड करने वाले सोनोग्राफी सेंटरो के विरूद्ध कारवाई करने व एक्टिव टे्रकरों में मिले हुए डाटा का अंकेक्षण करवाने के लिए लिखा है।