IMD Rain Alert : जयपुर में बूंदाबांदी के साथ सुबह का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। रात में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
IMD Rain Alert : राजस्थान के 23 जिलों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, टोंक, बूंदी, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा, सिरोही, उदयपुर, डूंगरपुर, और प्रतापगढ़ शामिल हैं। इन जिलों में तेज हवा के साथ वज्रपात और बारिश की संभावना जताई गई है।
जयपुर में मंगलवार का दिन एक हल्के ठंडे मौसम के साथ शुरू होगा, जहां न्यूनतम तापमान लगभग 27.6 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सुबह के समय वातावरण में ठंडक और ताजगी महसूस होगी, जो दिनभर की गर्मी से राहत प्रदान करेगी।
दिन के मध्य में तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जाएगी, और अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह तापमान सामान्यतः सुकूनदायक रहेगा और अत्यधिक गर्मी से बचाव करेगा।
दिनभर का औसत तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। यह तापमान जयपुरवासियों के लिए आरामदायक हो सकता है, जिससे वे अपने दैनिक कार्यों को बिना किसी असुविधा के पूरा कर सकते हैं।
मंगलवार को जयपुर का मौसम आद्र्रता से भरा रहेगा, जिसकी दर 79% रहने की संभावना है। इससे हवा में नमी बढ़ेगी, जो कभी-कभी उमस का एहसास करवा सकती है, लेकिन यह मौसमी परिवर्तनों के लिए सामान्य है।
मंगलवार को हवाएं पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा (ENE) से चलेंगी, जिनकी गति 10.7 किमी/घंटा रहेगी। ये हल्की हवाएं दिन को और भी खुशनुमा बनाएंगी और मौसम को ताजगी देंगी।
आने वाले सप्ताह में तापमान में कुछ उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है:
बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश से बांध में पानी की आवक फिर से शुरू हो गई है। पिछले 24 घंटों में बांध में 18 सेंटीमीटर पानी बढ़ गया है, जिससे जल स्तर 310.09 आरएल मीटर से बढ़कर 310.27 आरएल मीटर हो गया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 4 जुलाई से बांध में पानी आना शुरू हुआ है और 9 दिनों में कुल 61 सेंटीमीटर पानी की आवक हो चुकी है। हालांकि, अभी त्रिवेणी से पानी की आवक का इंतजार है।
राजस्थान में भीषण गर्मी के कारण 691 में से 532 बांध सूख गए हैं। केवल 155 बांधों में नाम मात्र का पानी बचा है। प्रदेश के बांधों में पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत पानी कम है। पिछले साल मानसून आने से पहले बांध 48.38 प्रतिशत भरे हुए थे, लेकिन इस साल गर्मी तेज होने से वर्तमान में बांधों में कुल 32 प्रतिशत पानी ही बचा है।