राजधानी के पास बने कानोता बांध पर चादर चल गई है। इससे आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया है। सिचाई विभाग जेईएन राजू लाल के अनुसार बीती रात बांध में 7 इंच पानी की आवक हुई हैं।
जयपुर। राजधानी के पास बने कानोता बांध पर चादर चल गई है। इससे आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया है। सिचाई विभाग जेईएन राजू लाल के अनुसार बीती रात बांध में 7 इंच पानी की आवक हुई हैं। ऐसे में बांध की भराव क्षमता 17 फिट हैं जबकि बांध में करीब 17 फिट 6 इंच पानी पहुंच चुका हैं। चादर चलने से बांध के निचे से गुजर रही सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। कानोता बांध को हाल हीं राज्य सरकार द्वारा ईको एडवेंचर टूरिज्म साइट की मंजूरी देने के साथ ही बांध पर चादर चलने से बांध के सौंदर्य पर चार चांद लगते नजर आ रहे हैं। सहायक अभियन्ता जल संसाधन उपखण्ड कानोता द्वारा कानोता थानाधिकारी को ज्ञापन देकर बांध पर मानसून सत्र तक पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जाब्ते की मांग की थी, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई। ऐसे में बांध के पास आए दिन युवा शराब पार्टियां कर रहे हैं। ऐसे में बड़ी घटना होने का अंदेशा रहता हैं। गौरतलब हैं कि पहले भी बांध में डूबने से कई मौतें हो चुकी हैं।
कानोता बांध को मिली 2.48 करोड़ की सौगात....
जन सम्पर्क अधिकारी पर्यटन विभाग प्रवीन प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जयपुर के कानोता बांध को अब ईको एडवेंचर टूरिज्म साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए जयपुर स्थित कानोता बांध पर करीब 2.48 करोड़ रुपए की लागत से बर्ड वॉचिंग प्लेटफार्म, छतरी का निर्माण, 600 मीटर लम्बी पैरापेट दीवार सहित विभिन्न प्रकार के निर्माण किए जाएंगे।