
जयपुर
सरकारी कार्यालयों में कामकाज की सुस्त चाल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कर्मचारियों को अपने मेडिकल बिल पास होने के लिए कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पिछले एक साल से बिल पास करवाने के लिए चक्कर लगा रहे एक कर्मचारी के साथ गुरूवार को जलभवन में कुछ ऐसा ही हुआ। विभाग में फिटर के पद कार्यरत मनसुख गुर्जर को पिछले साल हार्ट अटैक आया था। मेडिकल बिल पास होने के लिए मनसुख कई महीने से चक्कर लगा रहा था।
गुरूवार को भी मनसुख जलभवन के बजट सैल में जानकारी करने आया था। जैसे ही मनसुख को पता चला कि उसके बिल पास नहीं हुए हैं तो उसे फिर से हार्ट अटैक आ गया। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद कर्मचारी मनसुख को बिना किसी देरी के लिए नजदीक के रेलवे अस्पताल में ले गए और वहां उपचार के बाद उसकी जान बच गई। घटका की जानकारी मिलने पर जलदाय विभाग के कर्मचारी नेता ईश्वर चन्द्र शर्मा, कुलदीप सिंह यादव, बाबूलाल शर्मा, प्रान्तीय नल मजदूर यूनियन इन्टक के प्रदेश अध्यक्ष रमाशंकर गुर्जर, मन्त्रालयिक कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पारीक समेत कई नेताओं ने अस्पताल पहुंच कर्मचारी की कुशलक्षेम पूछी। घटना के बाद मुख्य अभियंता ने कार्रवाई करते हुए मनसुख का एक लाख 20 हजार रुपए का मेडिकल बिल पास किया।
कई माह से लगा रहा था चक्कर
कर्मचारी नेता कुलदीप यादव ने बताया कि गुर्जर मेडिकल बिल पास करवाने के लिए कई बार रिमाइंडर दे चुका था लेकिन उसका मेडिकल पास नहीं हुआ। बाद में मुख्य अभियंता आई.डी खान ने घटना की जानकारी मिलने पर मेडिकल बिल क्लियर करवाया और विलंब करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। कर्मचारी नेताआें ने जलदाय विभाग प्रशासन ने मांग की है कि कर्मचारियाें के लंबित मामलाें का निस्तारण करवाया जाए ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।