जयपुर

‘विष्णु जाट अकेला नहीं कर सकता पिता की हत्या’, जगन गुर्जर के बेटे आसाराम का जेल प्रशासन पर फिर बड़ा आरोप

Jagan Gurjar Death Mystery: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में बेटे आसाराम गुर्जर ने जेल प्रशासन पर बड़ा आरोप लगाया है। आसाराम का कहना है कि विष्णु जाट अकेला तो पिता जगन गुर्जर की हत्या नहीं कर सकता है।
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Jul 09, 2026
Jagan Gurjar son Asaram
बेटा आसाराम व पिता जगन गुर्जर। पत्रिका फाइल फोटो

जयपुर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में बेटे आसाराम गुर्जर ने जेल प्रशासन पर एक बार फिर बड़ा आरोप लगाया है। आसाराम का कहना है कि विष्णु जाट अकेला तो पिता जगन गुर्जर की हत्या नहीं कर सकता है। हत्या के पीछे षडयंत्र रचा गया है। जेल प्रशासन और जेल में मौजूद अन्य बंदियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

एक चैनल को दिए इंटरव्यू में बेटे आसाराम ने बताया कि पिता जगन गुर्जर से आरोपी विष्णु जाट का सुबह 11 बजे नाश्ते के वक्त झगड़ा हुआ था। इसके बावजूद दोनों को अलग नहीं किया गया और एक ही बैरक में साथ बंद किया गया। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे पिता की हत्या हो गई। दोपहर बाद पुलिस उसे घर से उठाकर कोतवाली ले गई। पुलिसवालों ने बताया था कि तेरे पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। लेकिन, थाने पहुंचने के बाद पुलिसवालों ने बताया कि उसके पिता की हत्या हो गई है।

एक बैरक में दो बंदी, फिर सात कैसे पहुंचे?

बेटे आसाराम ने आरोप लगाया कि विष्णु जाट अकेला तो हत्या नहीं कर सकता है। इसके पीछे पूरा षडयंत्र रचा गया है, जिसमें जेल प्रशासन भी शामिल है। उनके चाचा ने भी बताया कि घटना के समय वहां कई लोग मौजूद थे। आसाराम ने कहा कि यदि एक बैरक में दो ही बंदी रहते हैं तो वहां सात लोग कैसे पहुंच गए? बैरक की ऊंची दीवार पर कोई अकेला व्यक्ति नहीं चढ़ सकता। ऐसे में यह पूरी घटना सुनियोजित साजिश का हिस्सा लगती है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

विष्णु जाट के बयानों को लेकर कहीं ये बात

आसाराम ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद मीडिया के सामने विष्णु जाट ने दावा किया था कि झगड़े के चलते उसने हत्या की थी। फिर कहा कि कपड़े धुलवाने और ताने मारने की बात को लेकर हत्य की। विष्णु ने 20 मिनट में चार बार बयान बदले। ऐसा लगता है कि ये सब पुलिस की सह से हो रहा है और विष्णु को ऐसा लगता है कि प्रशासन उसका कुछ नहीं कर सकता है। पेशी के दौरान विष्णु के चेहरे पर किसी तरह का डर नजर नहीं आया था, इससे ऐसा लगता है कि उसमें पुलिस प्रशासन का कोई भय नहीं है।

वारदात से एक दिन पहले की थी पिता से बात

आसाराम ने बताया कि 28 तारीख को उसकी पिता जगन गुर्जर से आखिरी बार बात हुई थी। उस समय उन्होंने किसी विवाद या खतरे की जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने सिर्फ इतना बताया था कि 29 तारीख को उनकी जमानत पर सुनवाई होनी है। आसाराम ने कहा कि 29 को बेल होने के बाद 30 जून को पिता घर आ जाते। वे 29 को पूरे दिन फैसले का इंतजार करता रहे थे, लेकिन दोपहर 3 बजे बाद पुलिस उसे उठाकर ले गई। घर से लाए तक कहा कि तुम्हारे पिता की हार्टअटैक से मौत हो गई है। फिर कोतवाली में बताया कि उसके पिता की जेल में हत्या हो गई है।

चाचा को धौलपुर जेल में शिफ्ट करने की मांग

आसाराम ने बताया कि उनके चाचा अभी भी अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं। पिता की हत्या के बाद उन्हें उनके चाचा की सुरक्षा की चिंता है। उन्होंने मांग की कि चाचा को तत्काल धौलपुर जेल में शिफ्ट किया जाए। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और जेल प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि जब तक सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच नहीं होगी, तब तक न्याय नहीं मिलेगा।

Updated on:
09 Jul 2026 01:48 pm
Published on:
09 Jul 2026 01:48 pm