Green energy policy: राजस्थान सरकार ने सरकारी खर्च में कटौती और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को शामिल करना शुरू कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शुरुआती चरण में 15 लग्जरी इलेक्ट्रिक कारें खरीदी हैं।
Green energy policy: राजस्थान सरकार ने सरकारी खर्च में कटौती और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को शामिल करना शुरू कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शुरुआती चरण में 15 लग्जरी इलेक्ट्रिक कारें खरीदी हैं। इनमें से 10 कारें जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और अन्य उच्चाधिकारियों के लिए तैनात की गई हैं, जबकि 5 कारें दिल्ली स्थित राजकीय कार्यों के लिए भेजी गई हैं।
ये लग्जरी इलेक्ट्रिक कारें एक बार फुल चार्ज होने पर 275 से 350 किलोमीटर तक का सफर आसानी से तय कर रही हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक बार की चार्जिंग पर करीब 1000 रुपए का खर्च आता है। इसके विपरीत, 1000 रुपए के डीजल में कार महज 100 से 150 किलोमीटर तक ही चल पाती है। गाड़ियों की चार्जिंग की सुविधा के लिए सहकार मार्ग स्थित स्टेट मोटर गैराज में विशेष चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किया गया है।
इलेक्ट्रिक कारों के आने से न केवल ईंधन का खर्च कम होगा, बल्कि उनके रखरखाव (मेंटेनेंस) पर होने वाले मोटे खर्च से भी राहत मिलेगी। सामान्य तौर पर एक डीजल कार की सालाना सर्विस पर सात से आठ हजार रुपए खर्च होते हैं, जो ईवी के मामले में बेहद कम है। सरकार की योजना आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कारों का कुनबा बढ़ाने की है।
राज्य सरकार की ग्रीन एनर्जी पॉलिसी के तहत ये इलेक्ट्रिक कारें खरीदी गई हैं। ईवी के संचालन से नया अनुभव होगा और भविष्य में संचालन लागत में भारी कमी आएगी। पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।