जयपुर

Jaipur ATM Robbery: बैंक का पूर्व कर्मचारी ही निकला 41.70 लाख की लूट का सरगना, दोस्त की प्रेमिका से 2 बार करवाई थी रैकी

Jaipur ATM Loot Case: जगतपुरा स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से 41.70 लाख रुपए की लूट मामले में पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। फरार आरोपी पुष्पेंद्र मीणा पहले इसी बैंक में संविदा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रह चुका था।
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Sep 19, 2026
Jaipur ATM Robbery
बैंक का पूर्व कर्मचारी पुष्पेन्द्र व मस्तराम की प्रेमिका अंशु। फोटो: पत्रिका

जयपुर। जगतपुरा स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से 41.70 लाख रुपए की लूट मामले में पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। फरार आरोपी पुष्पेंद्र मीणा पहले इसी बैंक में संविदा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रह चुका था। उसे बैंक में कैश आने-जाने और टाइमिंग की पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर उसने साजिश रची। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुष्पेंद्र ने आरोपियों को बैंक और कैश जमा मशीन से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारी दी थी और वारदात से पहले कितने समय तक रैकी की गई।

जांच में सामने आया कि रक्षाबंधन के बाद बैंक खुलते ही आरोपी अंशु रैकी करने पहुंची थी, लेकिन भीड़ के कारण पहली कोशिश नाकाम रही। दोबारा रैकी कर वारदात को अंजाम दिया गया। रामनगरिया थाना पुलिस ने गिरफ्तार अंशु कुमारी के किराए के कमरे से 26.80 लाख रुपए बरामद कर लिए हैं। वहीं, मुख्य साजिशकर्ता पुष्पेंद्र मीणा, अंशु कुमारी का प्रेमी मस्तराम और साथी सुमित जंगम की तलाश में पुलिस टीमें करौली सहित अन्य जिलों में दबिश दे रही हैं। जयपुर के सांगानेर एसीपी दीपक खण्डेलवाल के अनुसार, फरार आरोपियों को जल्द दबोच लिया जाएगा।

मस्तराम बाइक से पहुंचा, पिस्टल भी साथ थी

वारदात के दौरान अंशु का प्रेमी मस्तराम और पुष्पेंद्र बाइक से बैंक पहुंचे थे। बाइक मस्तराम चला रहा था और उसके पास पिस्टल थी। बैंक से कुछ दूरी पर सुमित जंगम गाड़ी लेकर खड़ा था। उन्होंने हथियार दिखाकर कर्मचारियों से कैश से भरा बैग छीन लिया और वापस बाइक से कार सवार साथी के पास पहुंचे। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद भागने के लिए आरोपियों ने पहले से अलग-अलग वाहनों की व्यवस्था कर रखी थी। बाकी रकम और हथियार की तलाश जारी है।

लूटी रकम में से 26.80 लाख रुपए अंशु को दिए

बदमाशों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कपड़े बदले और लूटी रकम में से 26.80 लाख रुपए एक सूटकेस में रखकर अंशु के कमरे पर पहुंचा दिए, जबकि शेष रकम साथ ले गए। पुलिस ने वारदात के बाद करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। आने जाने के रास्ते की जांच के दौरान अंशु की गतिविधियां संदेह के घेरे में आईं।

ऐसे अंशु तक पहुंची थी पुलिस

फुटेज के आधार पर पुलिस उसके किराए के कमरे तक पहुंची। पूछताछ में कड़ियां जुड़ती चली गई। पुलिस के अनुसार मस्तराम ने अंशु को बताया था कि एटीएम से कैश निकालने का काम महिला कर्मचारी करती हैं। यह जानकारी पुष्पेंद्र मीणा ने ही थी, जो पहले बैंक में ही काम करता था। अब पुलिस पुष्पेंद्र मीणा, मस्तराम और सुमित जंगम की तलाश में जुटी हुई है। लेकिन, अभी तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है।

Updated on:
19 Sept 2026 09:28 am
Published on:
19 Sept 2026 09:28 am