
जयपुर। जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी टीम ने हवामहल-आमेर जोन, नगर निगम जयपुर के जमादार (पट्टा/लीज शाखा) रामसिंह यादव को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने परिवादी से उसके पिता के नाम मकान का पट्टा जारी करने की एवज में दो लाख रुपए की घूस मांगी थी। एसीबी की कार्रवाई के बाद निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि आरोपी रामसिंह यादव (28) पुत्र मूलचन्द यादव, निवासी किशोरपुरा, तहसील श्रीमाधोपुर (जिला सीकर) हाल जमादार पट्टा/लीज शाखा, हवामहल आमेर जोन में तैनात है। परिवादी ने एसीबी चौकी जयपुर नगर तृतीय को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके पिता के नाम का वैध मकान पट्टा देने के बदले में आरोपी जमादार दो लाख रुपए की मांग कर परेशान कर रहा है।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी उप महानिरीक्षक-द्वितीय (जयपुर) ओमप्रकाश मीणा के सुपरवीजन तथा जयपुर नगर तृतीय के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में शिकायत का गोपनीय सत्यापन करवाया गया। सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने के तथ्य सही पाए जाने पर उप अधीक्षक पुलिस सुरेन्द्र पंचौली व टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी रामसिंह यादव ने पट्टा देने की एवज में रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपए दिए, वैसे ही इशारा मिलते ही टीम ने उसे दबोच लिया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में ब्यूरो की टीम आरोपी रामसिंह यादव से पूछताछ कर रही है। आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली जा रही है। ब्यूरो द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम वैधानिक अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 29 जून को जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने नगर निगम जयपुर के एक कनिष्ठ अभियंता (JEN) को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपी जेईएन संजय कुमार बैरवा पर आरोप है कि निर्माणाधीन मकान को सील नहीं करने और निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी रखने की एवज में खुद और तत्कालीन उपायुक्त (DC) सुनील बैरवा के नाम पर 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी।