Jaipur Accused Arrested In Dehradun: किशन नगर एक्सटेंशन के एक प्ले ग्रुप स्कूल के पीछे चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा। जयपुर के दो दलाल गिरफ्तार। नौकरी का झांसा देकर लड़कियों को बुलाते थे और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते थे। मौके से शराब, गांजा और रेट लिस्ट बरामद।
Sex Racket Busted In Playgroup School: देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मानवता और शिक्षा को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। कैंट क्षेत्र के किशन नगर एक्सटेंशन स्थित एक नामी प्ले ग्रुप स्कूल परिसर के पीछे अनैतिक देह व्यापार के खेल का भंडाफोड़ हुआ है। स्थानीय लोगों और एक हिंदू संगठन की सतर्कता के चलते पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर दो संचालकों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन युवतियों को इस दलदल से मुक्त कराया गया है। आरोपियों की पहचान राजस्थान के जयपुर निवासी आशीष कुमार पांडे और जंग बहादुर के रूप में हुई है।
जांच में यह बेहद खौफनाक सच सामने आया है कि इस रैकेट का जाल बाहरी राज्यों तक फैला था। रेस्क्यू की गई युवतियों में एक मेरठ, यूपी। दूसरी फरीदाबाद ,हरियाणा और तीसरी मेघालय की रहने वाली है। युवतियों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें कंपनी में नौकरी दिलाने के बहाने देहरादून बुलाया गया था। यहां आने के बाद आरोपियों ने उनके साथ जबरन संबंध बनाए और चोरी.छिपे वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उन्हें देह व्यापार के नर्क में धकेल दिया गया। मेघालय की युवती को तो उसके अपने प्रेमी ने ही शराब और पैसों का लालच देकर इन दलालों के हवाले कर दिया था।
इस पूरे गिरोह ने स्कूल परिसर को अपना ठिकाना इसलिए बनाया ताकि किसी को उन पर शक न हो। दिनभर स्कूल में बच्चों का शोर.शराबा रहता था, जिसकी आड़ में संदिग्ध लोगों की आवाजाही छिप जाती थी। छापेमारी के दौरान पुलिस को कमरों से शराब की बोतलें, गांजा, आपत्तिजनक सामग्री और युवतियों की रेट लिस्ट वाली डायरी बरामद हुई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मुक्त कराई गई युवतियों में से एक के गंभीर रूप से संक्रमित ,एचआईवी संदिग्ध होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी आशीष पांडे पहले भी देह व्यापार के मामले में जेल जा चुका है। मकान मालिक ने बिना किसी पुलिस सत्यापन के इन बाहरी लोगों को कमरा किराए पर दिया था। हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष ललित शर्मा का आरोप है कि पकड़ा गया आशीष महज एक मोहरा है, जबकि इस पूरे गिरोह का असली मास्टरमाइंड एक अन्य युवक है जो अभी फरार है। पुलिस ने फिलहाल आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और स्कूल संचालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।