जयपुर

जयपुर में AGTF का बड़ा ऑपरेशन; दो हार्डकोर अपराधी पकड़े गए, एक रोहित गोदारा गैंग का शार्प शूटर

एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सुजानगढ़ फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह और 27 मामलों में वांटेड लक्ष्मण सिंह शामिल हैं।

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Apr 26, 2026
Jaipur Crime
लाल टीशर्ट में कृष्ण सिंह और सफेद में लक्ष्मण सिंह (फोटो-एजीटीएफ)

जयपुर। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) जयपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो हार्डकोर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। झोटवाड़ा इलाके में की गई इस कार्रवाई में सुजानगढ़ शूटआउट का मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह और 27 आपराधिक मामलों में वांटेड लक्ष्मण सिंह को दबोचा गया। पुलिस इस ऑपरेशन को राज्य में अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है।

एडीजी एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ दिनेश एमएन के निर्देशन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन और पुलिस उप अधीक्षक रविन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने झोटवाड़ा क्षेत्र में दबिश दी। यहां से चूरू जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र के ठठवाता निवासी 31 वर्षीय कृष्ण सिंह और कुचामन-डीडवाना के नावां सिटी निवासी 34 वर्षीय लक्ष्मण सिंह को हिरासत में लिया गया।

खुफिया सूचना पर की गई घेराबंदी

पुलिस के अनुसार, कृष्ण सिंह पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहा था और चूरू जिले के सुजानगढ़ में जेडीजे ज्वैलर्स शोरूम पर हुई फायरिंग की वारदात में मुख्य आरोपी है। जांच में सामने आया है कि वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा। एजीटीएफ को पुख्ता सूचना मिली थी कि वह जयपुर में छिपा हुआ है, जिसके बाद तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण गैंग से जुड़ा

एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि कृष्ण सिंह कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण गैंग से जुड़ा हुआ है। वह कारोबारियों को धमकाने और रंगदारी वसूली के लिए इस गैंग के इशारे पर काम करता था। इससे पहले भी वह परबतसर में हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने गैंग के लिए सुजानगढ़ में फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था।

27 मामलों में था वांटेड

वहीं दूसरा आरोपी लक्ष्मण सिंह भी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, चैन स्नेचिंग और अन्य गंभीर अपराधों सहित कुल 27 मामले दर्ज हैं। वह वैशाली नगर, मकराना और नावां सिटी थाना क्षेत्रों के मामलों में कोर्ट से भी फरार चल रहा था।

बड़े नाम आने की संभावना

फिलहाल एजीटीएफ दोनों आरोपियों से गिरोह के नेटवर्क, साथियों और संभावित साजिशों को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और अपराध जगत से जुड़े अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।

Published on:
26 Apr 2026 05:14 pm