Jaipur Accident: मानसरोवर में ऑडी कार हादसे के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने चारों आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था, लेकिन कुछ ही देर में तीन आरोपी फरार हो गए।
Jaipur Audi Accident: जयपुर के मानसरोवर में शुक्रवार रात तेज रफ्तार कार के कहर के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने कार सवार चारों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बाद आरोपियों को पुलिस वाहन में बैठाया गया, लेकिन कुछ ही देर में तीन आरोपी फरार हो गए।
आरोप है कि हादसे के बाद मची अफरा-तफरी में पुलिस ने भीड़ को संभालने में तो समय लगाया। लेकिन आरोपियों को अपने चंगुल से निकलने दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद पुलिस को यह जानकारी थी कि टक्कर मारने वाली कार में एक पुलिसकर्मी भी सवार था। बावजूद इसके तथ्य को जानबूझकर छिपाया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों की मदद करने के बजाय उन पर हल्का बल प्रयोग किया। आरोप है कि पुलिसकर्मी परिजन को डरा रहे हैं और कहा जा रहा है कि यदि विरोध किया तो शव भी नहीं दिया जाएगा। परिवार अपने को खोने के गम में डूबा है, वहीं न्याय की मांग करने पर उन्हें डराया जा रहा है।
गुस्साए लोग आरोपियों से मारपीट न करें, इसलिए पुलिस उन्हें हिरासत में लेना चाह रही थी। मैंने और कुछ लोगों ने दो आरोपियों को पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने उन्हें गाड़ी में बैठा लिया था। आश्चर्य है कि वे पुलिस हिरासत से किस तरह बाहर आए।
-शिवराज, प्रत्यक्षदर्शी
हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध लग रही। मैं उन लोगों में शामिल था, जिन्होंने दो आरोपियों को पुलिस के सुपुर्द किया था। इसके बाद एक अन्य आरोपी को भी पुलिस ने पकड़ा। मेरे सामने तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। सुबह पता चला कि रात को तीन भाग गए थे। यह सुनकर होश उड़ गए।
-पवन सिंह, प्रत्यक्षदर्शी
जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए लोगों ने कार सवार आरोपियों को पकड़कर पिटाई कर दी। जब पुलिस आरोपियों को थाने ले जाने लगी तो भीड़ ने विरोध किया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि लोग कार को आग के हवाले करने पर उतारू हो गए। गुस्से में लोगों ने पीसीआर की चाबी तक निकाल ली थी।