
जयपुर। महल रोड स्थित अक्षय पात्र चौराहे के पास बैंक ऑफ इंडिया से 14 सितंबर को हुई 41.70 लाख रुपए की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोच लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद ये शातिर आरोपी जयपुर से करौली, खाटूश्यामजी और फिर गुजरात के अहमदाबाद तक लुकाछिपी का खेल खेलते रहे। अंततः करौली लौटते ही पुलिस ने इन्हें धर दबोचा।
डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से करौली के मासलपुर निवासी और वर्तमान में प्रताप नगर के नीलगिरी अपार्टमेंट में रहने वाले सुमित जंगम तथा पुष्पेन्द्र मीणा हैं। बुधवार को गिरफ्तारी के बाद इन्हें गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।
वारदात के बाद आरोपी एक दिन जयपुर के होटल में रुके और फिर करौली भाग गए। गिरफ्तारी के खौफ से वे मुख्य आरोपी मस्तराम मीणा से अलग होकर पहले खाटूश्यामजी पहुंचे, बाबा के दर्शन किए और अजमेर होते हुए अहमदाबाद निकल भागे। वहां से जब वे करौली लौटे, तो पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। मामले के खुलासे में डीएसटी ईस्ट के एसआइ बन्नालाल, राजेश व हेमंत की अहम भूमिका रही है।
सांगानेर एसीपी दीपक खंडेलवाल ने खुलासा किया कि आरोपियों पर भारी कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए उन्होंने बैंक लूट की यह साजिश रची थी। आरोपी पुष्पेन्द्र पहले इसी बैंक में काम कर चुका था, जिसके कारण उसे अंदरूनी कामकाज की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि बैंक में महिला कर्मचारी ही नकदी का लेन-देन संभालती हैं, इसलिए उन्होंने इसे सबसे आसान और सुरक्षित निशाना समझा।
थानाधिकारी अनिल कुमार टेलर ने बताया कि पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी मस्तराम मीणा की प्रेमिका अंशु कुमारी जाटव को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसकी निशानदेही पर उसके कमरे से 26.80 लाख रुपए की रकम बरामद की जा चुकी है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर वारदात में प्रयुक्त कार, बाइक और शेष बची हुई नकदी बरामद करने का प्रयास कर रही है। वहीं, इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य आरोपी मस्तराम मीणा की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।