जयपुर की बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी जल्दबाजी में शुरू हुई, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी से सैलानी निराश हो रहे हैं। न टिकट काउंटर और न ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था है। स्टॉफ और संसाधनों की भारी कमी है।
जयपुर: जयपुर शहर से सटे बीड़ पापड़ इलाके में वन विभाग की ओर से शुरू की गई लेपर्ड सफारी जल्दबाजी और बिना तैयारी के कारण सैलानियों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है। उद्घाटन को एक महीना बीतने के बावजूद यहां न स्थायी टिकट काउंटर है, न वेटिंग एरिया और न ही ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू हो सकी है। ऐसे में सैलानी निराश होकर लौट रहे हैं।
दरअसल, विद्याधरनगर से सटे बीड़ पापड़ के जंगल में 22 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में यह सफारी गत महीने शुरू की गई थी। यह जयपुर की तीसरी लेपर्ड सफारी है। लेकिन शुरुआत से ही अधूरी व्यवस्थाएं सामने आने लगीं। फिलहाल, बारिश के कारण ट्रैक खराब हो गया है, जिससे सफारी अस्थायी रूप से बंद है। इससे वन्यजीव प्रेमियों में निराशा है।
स्थानीय वन रेंज में स्टॉफ, वाहन और संसाधनों की भी भारी कमी है। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन और ट्रैक मॉनिटरिंग प्रभावित हो रहे हैं। वीकेआई, विधाधर नगर और आसपास के क्षेत्रों से जानवरों के दिखने की सूचनाएं लगातार मिल रही हैं।
वन विभाग के अनुसार, बीड़ पापड़ जंगल में फिलहाल 17 लेपर्ड हैं। इनके अलावा हाइना, जैकाल, जंगली बिल्ली और कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियां भी पाई जाती हैं। इन्हीं कारणों से 22 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सफारी संचालन की योजना बनाई गई थी।
सूत्रों के अनुसार, सफारी के मूलभूत ढांचे और सुविधाओं के लिए बजट की आवश्यकता है। उसके अभाव में न टिकट काउंटर बन पाया है, न शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित हो सकी। ऑनलाइन बुकिंग अब तक शुरू नहीं हो सकी, जबकि राज्य की अन्य सफारियों में यह सुविधा पहले से उपलब्ध है।
सफारी ट्रैक का मेंटेनेंस कार्य जारी है। जल्द ही सफारी दोबारा शुरू की जाएगी। संभवत: दो-तीन दिन में ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके अलावा अन्य सुविधाएं जुटाने के प्रयास भी जारी हैं।
-विजयपाल सिंह, डीएफओ, जयपुर चिड़ियाघर