BLO Mukesh Jangid Suicide Case: जयपुर के बिंदायका में बीएलओ मुकेश जांगिड़ सुसाइड केस में चार महीने बाद रिपोर्ट दर्ज हुई। पिता ने सुपरवाइजर पर मानसिक दबाव व प्रताड़ना का आरोप लगाया। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर जांच कर रही है।
Jaipur BLO Mukesh Jangid Suicide Case: जयपुर: बिंदायका इलाके में चार महीने पहले एक बीएलओ के आत्महत्या करने के मामले में अब पुलिस ने कोर्ट इस्तगासे के जरिए रिपोर्ट दर्ज की है। मृतक बीएलओ मुकेश कुमार जांगिड़ के पिता ने सुपरवाइजर पर प्रताड़ना और मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
बता दें कि घटना 16 नवंबर 2025 की है। जब एसआईआर कार्य में लगे बीएलओ मुकेश कुमार जांगिड़ ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। तलाशी के दौरान पुलिस को उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला था, जो घटना से तीन दिन पहले 13 नवंबर को लिखा गया था।
सुसाइड नोट में मुकेश ने व्यथा व्यक्त की थी कि वे एसआईआर के काम के बोझ से बेहद परेशान हैं। उन्होंने एसआईआर इंचार्ज सीताराम बुनकर पर आरोप लगाया था कि वे बार-बार फोन कर काम का दबाव बना रहे थे और सस्पेंड करने की धमकी दे रहे थे।
मुकेश जांगिड़ नारी का बास स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में शिक्षक थे। उस दौरान उनके पास झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुरा भाग संख्या-175 में बीएलओ की जिम्मेदारी थी। अब पिता की शिकायत पर बिंदायका थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना के दौरान भाई गजानंद ने बताया था कि सूचना पर वे बिंदायका रेलवे फाटक पहुंचे थे। वहां मुकेश की एक जेब में पैसे, चाबियां मिलीं और दूसरी में सुसाइड नोट मिला था। सुसाइड नोट पढ़ा तो उसमें ताराचंद बुनकर नाम के व्यक्ति पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था।
पुलिसकर्मियों ने उनसे सुसाइड नोट ले लिया। सुसाइड नोट की फोटो खींचने को कहा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने इससे भी मना कर दिया। मुकेश के दो बेटियां और एक बेटा है।
मुकेश हमारे श्रेष्ठ बीएलओ में से एक था। ग्यारह साल से बीएलओ की सेवाएं दे रहे थे। उनके खिलाफ एक भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई। फिर भी अगर कोई आरोप सामने आते हैं तो अलग से जांच करवाई जाएगी। यह बात उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने घटना के दौरान कही थी।
-मेघराज मीणा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जयपुर