जयपुर

जयपुर के चंदवाजी में निर्माणाधीन एसटीपी की दीवार ढही, तीन लोगों की मौत, तीन गंभीर घायल

जयपुर में आमेर उपखंड क्षेत्र के चंदवाजी थाना इलाके में तालामोड़ के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे किनारे स्थित द पैलेस अरावली रिजॉर्ट में सोमवार को निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की बेसमेंट दीवार ढहने से तीन मजदूरों की मौत हो गई।
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Updated: 29 Jun 2026, 6:39 PM IST
Jaipur Rural Wall Collapse
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जयपुर। आमेर उपखंड क्षेत्र के चंदवाजी थाना इलाके में तालामोड़ के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे किनारे स्थित द पैलेस अरावली रिजॉर्ट में सोमवार को निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की बेसमेंट दीवार ढहने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसे में करीब 25 मजदूर मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर अधिकांश मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीन घायलों का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।

जानकारी के अनुसार रिजॉर्ट परिसर में करीब 25 फीट गहरे, 100 फीट लंबे और 30 फीट चौड़े एसटीपी बेसमेंट का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माणाधीन दीवार के पास जेसीबी और मजदूरों की सहायता से मिट्टी डाली जा रही थी। इसी दौरान मिट्टी में पानी डालने से दीवार के नीचे रिसाव हो गया और दीवार भरभराकर गिर गई। इसके नीचे कई मजदूर और कारीगर दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। होटल स्टाफ, स्थानीय ग्रामीण और अन्य कर्मचारियों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला।

सभी घायलों को निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने रिंकू देवी (32) पत्नी मनदीप, सविता देवी (35) पत्नी मनोज और रामजी (28) पुत्र रामप्रवेश, तीनों निवासी गया (बिहार) को मृत घोषित कर दिया। घायल दलीप सिंह (25) पुत्र सुकून सिंह, सुरेजान मांझी (30) पुत्र नरेश मांझी और साइट प्रभारी एवं सुपरवाइजर विक्रम सिंह राठौड़ (35) पुत्र अर्जुन सिंह निवासी बांसड़ा, रूपनगढ़ (अजमेर) का उपचार जारी है।

कलक्टर पहुंचे मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलक्टर संदेश नायक, आमेर उपखंड अधिकारी राजेंद्र कुमार, एसडीएम बजरंग लाल स्वामी, एएसपी शाहपुरा, चंदवाजी थानाप्रभारी हीरालाल सैनी सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमों ने सर्च अभियान चलाकर मलबे में अन्य मजदूरों की तलाश की।

पोटली में ले जाना पड़ा शव

हादसे के बाद का दृश्य बेहद दर्दनाक था। मलबे में दबे मजदूरों को साथी श्रमिक, होटल कर्मचारी और ग्रामीण बाहर निकालने में जुटे रहे। इस दौरान सविता देवी का शव क्षत-विक्षत हो गया था, जिसे कपड़े की पोटली में बांधकर बाहर निकालना पड़ा। अपनों का शव इस हालत में देखकर परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। बाद में शवों और घायलों को एंबुलेंस से निजी अस्पताल पहुंचाया गया।

Updated on:
29 Jun 2026, 6:39 PM IST
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