
Jaipur Child Murder News: राजधानी जयपुर में एक बेहद हैरान और परेशान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां महज 11 और 12 साल के तीन बच्चों ने मिलकर अपने ही 10 साल के दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए तीनों नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया है। हत्या की जो वजह सामने आई है, उसने सबको चौंका दिया है।
दरअसल, आरोपी इस बात से नाराज थे कि उनके दोस्त ने उनकी बहन के लिए कुछ गलत शब्द कहे थे। इसी का बदला लेने के लिए बच्चों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि मरे हुए बच्चे का नाम अजमत (10) था, जो मूल रूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला था और जयपुर के मुहाना थाना इलाके में रहता था। अजमत और तीनों आरोपी एक ही कॉलोनी में रहते थे और आपस में पड़ोसी होने के नाते अच्छे दोस्त थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि करीब एक महीने पहले अजमत ने उनकी बहन के बारे में कुछ गलत कह दिया था। इस बात को लेकर उनके बीच झगड़ा भी हुआ था। तभी से तीनों के मन में बदले की आग सुलग रही थी और उन्होंने अजमत को रास्ते से हटाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया।
बीती 14 जून को साजिश के मुताबिक, तीनों दोस्तों ने अजमत को पार्टी करने के बहाने बुलाया। वे सब बाजार से कुरकुरे और कोल्ड ड्रिंक खरीदकर एक नाले की तरफ चले गए। वहां चारों ने बैठकर पहले मजे से पार्टी की। पार्टी खत्म होते ही तीनों ने अचानक अजमत के पैर पकड़कर खींचे, जिससे वह मुंह के बल जमीन पर गिर गया। इसके बाद उन्होंने एक दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया।
जब अजमत की जान निकल गई, तो वे अपने साथ लाए धारदार चाकू से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने सिर और धड़ को अलग-अलग जगहों पर फेंका और आराम से अपने घर लौट आए।
अजमत 14 जून से लापता था। 25 जून को पुलिस को उसकी सिर कटी लाश मिली। शव की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि चेहरा पहचानना नामुमकिन था। बाद में घरवालों ने अजमत के कपड़ों को देखकर उसकी पहचान की। पुलिस लगातार कातिलों की तलाश में जुटी थी।
हैरानी की बात यह है कि मर्डर करने के बाद भी दो सगे भाई कॉलोनी में आराम से घूम रहे थे, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन उनकी मौसी का लड़का (तीसरा आरोपी) डर के मारे घर से बाहर ही नहीं निकल रहा था।
पुलिस को उसकी इसी हरकत पर शक हुआ। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने सारा सच उगल दिया। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए तीनों बच्चे सिर्फ पहली और दूसरी क्लास तक पढ़े हैं, जिसके बाद उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया था।