जयपुर

जयपुर शहर की सड़कों से हटेंगे अवैध LED डिस्प्ले, राजस्व शाखा ने सभी जोन उपायुक्तों को लिखी चिट्ठी

Illegal LED Display: जयपुर शहर की सड़कों और भीड़ भरे इलाकों में अवैध रूप से लगीं एलईडी डिस्प्ले को नगर निगम अभियान चलाकर हटाएगा। इसके लिए मुख्यालय की राजस्व शाखा ने सभी जोन उपायुक्तों को पत्र लिखा है। टीम बनाकर जोन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
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Apr 07, 2026
Jaipur Civic Body Orders Crackdown on Illegal LED Displays Zone Teams to Remove Hazardous Hoardings
जगतपुरा के एक मॉल पर अवैध रूप से लगाई गई एलईडी डिस्प्ले (फोटो- पत्रिका)

Illegal LED Display in Jaipur: गुलाबी नगरी की सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन चालकों की आंखों में चुभने वाली अवैध LED डिस्प्ले अब बीते दिनों की बात होने वाली है।

नगर निगम जयपुर ने शहर में बिना अनुमति के संचालित हो रहे इन 'इलेक्ट्रॉनिक खतरों' के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। मुख्यालय की राजस्व शाखा ने इस संबंध में सभी जोन उपायुक्तों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।

पत्रिका के अभियान का बड़ा असर

राजधानी में विज्ञापन माफियाओं की मनमानी और निगम अधिकारियों की कथित मिलीभगत को लेकर राजस्थान पत्रिका ने लगातार समाचार अभियान चलाया था। राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया कि किस तरह ये चमकीली स्क्रीन न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।

बल्कि ड्राइवरों का ध्यान भटकाकर सड़क हादसों को खुला निमंत्रण दे रही हैं। खबरों में इस बात का भी खुलासा किया गया कि इन अवैध होर्डिंग्स के कारण नगर निगम को लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग रही है।

जोन स्तर पर बनेगी 'स्पेशल टास्क फोर्स'

मुख्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, अब जोन स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया जाएगा। इन टीमों में निम्नलिखित अधिकारी शामिल रहेंगे। राजस्व अधिकारी (RO), राजस्व निरीक्षक (RI) और प्रवर्तन दस्ते के सदस्य।

ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे कर उन साइट्स को चिन्हित करेंगी, जहां नियमों को ताक पर रखकर डिस्प्ले लगाए गए हैं। अभियान के दौरान न केवल इन डिस्प्ले को जब्त किया जाएगा, बल्कि संबंधित विज्ञापन एजेंसियों पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

अफसरों की चुप्पी पर उठे सवाल

गौरतलब है कि शहर के प्राइम लोकेशंस पर रातों-रात ये डिस्प्ले खड़े कर दिए गए थे। हैरानी की बात यह है कि राजस्व शाखा में शिकायतें पहुंचने के बावजूद महीनों तक अधिकारी केवल पत्राचार का बहाना बनाकर कार्रवाई से बचते रहे। चर्चा है कि निचले स्तर के कर्मचारियों और रसूखदार विज्ञापन माफियाओं के बीच साठगांठ के चलते ही ये अवैध कारोबार फल-फूल रहा था।

जोन स्तर पर राजस्व अधिकारी, राजस्व निरीक्षक सहित अन्य लोगों को संयुक्त टीम जनाई गई है। ये टीम अवैध डिस्क हटाने का कारवाई करेगी।
-मनोज कुमार वर्मा, उपायुक्त, राजस्व, नगर निगम

Updated on:
07 Apr 2026 08:45 am
Published on:
07 Apr 2026 08:45 am